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JPSC पर हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, 14वीं PT समेत बैकलॉग के एग्जाम रद्द; कई भर्ती परीक्षाओं की जांच के आदेश

झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कदम उठाते हुए 14वीं JPSC PT और 2023 व 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते 11वीं से 13वीं JPSC, FRO, ACF और APP समेत कई अन्य भर्तियों की भी निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

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छात्रों के विरोध के बीच JPSC पर सरकार का अहम फैसला

Photo : PTI

JPSC Exam Cancelled: झारखंड में जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत साल 2023 और 2025 में JPSC द्वारा आयोजित बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने 11वीं से 13वीं JPSC, FRO, ACF, APP तथा TDPL के जरिए आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सोरेन की इस घोषणा के बाद लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

जिन परीक्षाओं पर उठे सवाल, उनकी होगी जांच

सरकार ने साफ तौर से कहा है कि जिन परीक्षाओं की प्रक्रिया अथवा आयोजन को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। बैकलॉग परीक्षाओं पर भी गिरी गाज सरकार के फैसले के मुताबिक 2023 और 2025 में JPSC द्वारा आयोजित बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द होंगी। इससे उन अभ्यर्थियों पर भी असर पड़ेगा, जो इन परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। 11वीं-13वीं JPSC समेत कई परीक्षाएं जांच के दायरे में मुख्यमंत्री ने 11वीं, 12वीं और 13वीं JPSC के साथ-साथ फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO), असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF), असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) और TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की भी जांच कराने की घोषणा की है।

परीक्षा सुधारों पर छात्रों से मिले 8,500 से अधिक सुझाव

वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा प्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि परीक्षा सुधारों को लेकर सरकार के अभियान के तहत छात्रों से अब तक 8,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सीएम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि परीक्षा सुधार की प्रक्रिया जनभागीदारी पर आधारित होगी और युवाओं के सपनों को साकार करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "हम वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" मुख्यमंत्री ने बताया कि ’छात्रों की बात, छात्रों के साथ’ अभियान के तहत अब तक 8,500 से अधिक युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने कहा, "ओएमआर शीट से लेकर परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक ढांचे के भीतर आवश्यक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव हमें प्राप्त हुए हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुझाव झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, "ये सुधार केवल राज्य सरकार का प्रयास नहीं होंगे, बल्कि झारखंड के मेरे युवा साथियों की जनभागीदारी से आगे बढ़ेंगे।"

कल हुआ था विधानसभा मार्च?

गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची में सोमवार को हजारों अभ्यर्थी विधानसभा मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान कई अवरोधक तोड़ दिए गए और प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से वे घायल हो गए, जबकि रांची पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछार की और जैसे ही प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े उनपर आंसू गैस के गोले दागे गए। छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांगों में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जेपीएससी और जेएसएससी के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करना और सीबीआई या झारखंड से बाहर के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराना शामिल हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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