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कस्टडी में पिज्जा-बर्गर का नखरा, जांच में अड़ंगा और सीने में दर्द...नागपुर में नाबालिग से दरिंदगी के रसूखदार आरोपी का ड्रामा, अस्पताल में भर्ती

Nagpur Kand Pizza Special Treatment Clarification: नागपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और क्रूरता के आरोपी निर्भय पाखारे ने कस्टडी में मांगा पिज्जा-बर्गर। पुलिस ने वीआईपी ट्रीटमेंट से किया इनकार, सीने में दर्द बताकर अस्पताल में भर्ती।

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कस्टडी में पिज्जा-बर्गर का नखरा, जांच में अड़ंगा और सीने में दर्द...नागपुर में नाबालिग से दरिंदगी के रसूखदार आरोपी का ड्रामा, अस्पताल में भर्ती

Nirbhay Pakhare Minor Rape Case: महाराष्ट्र के नागपुर शहर के हुडकेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और आक्रोश पैदा करने वाली घटना सामने आई है। 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण, क्रूरता, दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोपी 19 वर्षीय निर्भय माधव पाखारे का पुलिस कस्टडी में व्यवहार अब चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। कस्टडी के दौरान पिज्जा और बर्गर की मांग करने वाले इस रसूखदार परिवार के आरोपी ने पुलिस जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया है और रिमांड खत्म होने से ठीक पहले सीने में दर्द का बहाना बनाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती हो गया है।

पुलिस की सफाई- 'नहीं दिया कोई स्पेशल ट्रीटमेंट'

आरोपी के ठाणे जिले के एक अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के कारण पुलिस कस्टडी में उसे वीआईपी (VIP) सहूलियतें दिए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर तैरने लगी थीं। आरोपी की मां डॉक्टर हैं और पिता भी उच्च रसूख वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का आधिकारिक बयान:

वीआईपी ट्रीटमेंट का खंडन: हुडकेश्वर थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनामिका मिर्जापुरे ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जेल के भीतर किसी भी प्रकार का स्पेशल ट्रीटमेंट या मनपसंद खाना नहीं दिया जा रहा है।

पिज्जा-बर्गर की मांग: कस्टडी में सुविधाओं के आदी इस युवक द्वारा इस तरह की मांगें की गई थीं, लेकिन पुलिस ने नियमानुसार ही कार्रवाई की है।

रिमांड खत्म होने से पहले सीने में दर्द, अस्पताल में हुआ भर्ती

अदालत ने आरोपी निर्भय को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था, जिसकी अवधि 6 अगस्त को समाप्त हो रही थी। हालांकि, बुधवार शाम जब पुलिस आरोपी को नियमित मेडिकल जांच के लिए ले गई, तो उसने डॉक्टरों के सामने सीने में दर्द की शिकायत की। डॉक्टरों ने एहतियातन उसे शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMC) में भर्ती कर लिया।

पुलिस आरोपी की कस्टडी बढ़ाने की मांग अदालत में करने वाली थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के कारण अब डिस्चार्ज मिलने के बाद ही दोबारा रिमांड याचिका दायर की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है। वारदात से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए उसका मोबाइल जब्त किया गया है, लेकिन वह फोन का पासवर्ड बताने से साफ इनकार कर रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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