UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और इसे भारत के शौर्य, स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का प्रेरणास्थल बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की गौरवगाथा का जीवंत अनुभव होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनवरी 2026 तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसमें ऐसी थीमैटिक और इंटरएक्टिव प्रस्तुति हो जिससे आने वाले मेहमाव केवल दर्शक न रहकर सहभागी भी बनें।
‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ में होगा 7D अनुभव
मुख्यमंत्री ने ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ को संग्रहालय की विशेष पहचान बताते हुए कहा, कि इसमें 7D तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति की घटना का सजीव चित्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अनुभाग शिवाजी महाराज के स्वराज्य संकल्प और वीरता का प्रतीक बनेगा।
1857 के सेनानियों की समृतियां ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में
‘अग्रदूतों की गैलरी’ में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों से जुड़ी वस्तुएं, दस्तावेज और स्मृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे जैसे वीरों की गाथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूतों के योगदान की प्रेरणा मिले।
गैलरियों में झलकेगा उत्तर प्रदेश का लोकजीवन
मुख्यमंत्री ने ‘त्योहारों की गैलरी’ में काशी की महाशिवरात्रि और देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और रंगोत्सव, तथा प्रयागराज का महाकुंभ जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों का इंटरएक्टिव चित्रण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से उत्सव का जीवंत अनुभव कराया जाए।
इसी प्रकार ‘नदियों की गैलरी’ में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन को दर्शाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘देवासुर संग्राम’ जैसे अनुभागों के माध्यम से भारतीय दर्शन, सृष्टि और धर्म की व्याख्या को भी संग्रहालय का हिस्सा बनाया जाए।
आगरा की विरासत को भी मिले प्रमुख स्थान
योगी आदित्यनाथ ने ‘आगरा गैलरी’ में शहर की स्थापत्य, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा को एक साथ प्रस्तुत किया जाए ताकि आगंतुकों को शहर की समग्र झलक मिल सके।
साथ ही, ‘ओरिएंटेशन गैलरी’ को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां आगंतुकों को संग्रहालय के उद्देश्य, शिवाजी महाराज के जीवन और उस कालखंड का परिचय मिलेगा।
संग्रहालय बने प्रेरणा का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल अतीत को प्रदर्शित करने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गैलरियों में इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो और डिजिटल आर्काइव्स का प्रयोग किया जाए, जिससे हर आगंतुक भारत की आत्मा को महसूस कर सके। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को साप्ताहिक समीक्षा करते हुए तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में बन रहा छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा और भारत के गौरव, स्वराज्य और संस्कृति का जीवंत प्रतीक बनेगा।
