Lucknow News : ATM काटकर लूटना, कैश गायब करना और गाड़ी चुराना... जी हां ! ये सब क्राइम के 'स्टार्टअप' हैं, जिसकी कोचिंग का भंडाफोड़ हुआ है यूपी की राजधानी लखनऊ में। दरअसल, सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में एक बैंक का एटीएम काटकर कुछ दिन पहले 39 लाख 58 हजार रुपये गायब कर दिए गए थे। इस लूटकांड के पीछे एक गिरोह का हाथ बताया जा रहा था। गिरोह के सरगना को लोग 'एटीएम बाबा' उर्फ सुधीर के नाम से जानते हैं। जिसे उसके गिरोह के चार सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया है। कहानी बिल्कुल ओटीटी प्लेटफॉर्म की वेब सीरीज की तरह है, जिसे सुनकर आपकी आंखें भी फटी की फटी रह जाएंगी।
यहां से शुरू हुई कहानी
पुलिस के मुताबिक, सुधीर जो कि एटीएम बाबा के नाम से मशहूर है बिहार के छपरा जिले का निवासी है। पूरे लूटकांड का मुख्य आरोपी यही है। इसके चार साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया। जिनके नाम बिहार निवासी नीरज मिश्रा, राघवपुर निवासी राज तिवारी, छपरा निवासी पंकज पांडेय, बनियापुरवा कराह निवासी भास्कर हैं। सुधीर ने वारदात को अंजाम देने का काम नीरज को दिया था। इसके उसने विजय और देवेश को भी क्षेत्र में रेकी करने के लिए कहा जिसमें वे 27 मार्च से लग गए। वहीं, चार बदमाशों को हरियाणा के मेवात से भी बुलाया गया। तीन तारीख को जब एटीएम में नकदी रखी गई उस समय एटीएम बाबा बिहार में था। घटना के दिन चार लोग मुंह पर मास्क पर लगाकर एटीएम के पास गए और कैमरे पर स्याही उड़ेल दी। इसके बाद सारे रुपये निकालकर फरार हो गए। बाहर ताक रहे दो लोग भी उन्हीं के साथ चले गए। कुछ समय के बाद घटना की जानकारी हुई तो पुलिस टीम ने निरीक्षण शुरू किया। जांच पड़ताल के बाद चारों को जाह्नवी चौराहे से पकड़ लिया गया। हालांकि एटीएम बाबा अब भी फरार है। उसकी पत्नी रेखा, विजय, भीम, देवेश और चारों मेवाती बदमाशों की तलाश जारी है।
बाबा की पत्नी भी है प्रोफेशनल खिलाड़ी
पुलिस का कहना है कि लूटकांड करने वाले इस गिरोह में सुधीर की पत्नी रेखा भी शामिल है। गिरोह में किसे कितना हिस्सा मिलेगा ये वहीं तय करती है। इसके अलावा सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि रेखा ग्राम प्रधान है। बताते चलें कि एटीएम बाबा के खिलाफ बिहार में कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि चार आरोपियों को पकड़ने के बाद अब पुलिस बाकियों की तलाश में जुटी हुई है।
सभी को दी जाती थी कोचिंग
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि गिरोह में जितने लोग हैं उनमें से कुछ पढ़े-लिखे भी हैं। सभी को एटीएम बाबा के अंडर में विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। वारदात को अंजाम देने की जगह निर्णारित होते ही सबको काम दे दिए जाते थे और वो काम निपटा कर वे फरार हो जाते थे। हालांकि इस बार टीम ने चार को पकड़ा है, शेष की तलाश भी जारी है।
