लखनऊ

UP Nikay Chunav: यूपी निकाय चुनाव की आरक्षण सूची जारी, 17 नगर निगमों में छह महिला मेयर; यहां देखें पूरी लिस्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 30, 2023, 08:54 PM IST

UP Nikay Chunav 2023: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव को हरी झंडी दिखाते हुए दो दिन में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए थे। सरकार की ओर से जारी गई सूची में 17 नगर निगमों में छह सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं।

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यूपी निकाय चुनाव की आरक्षण सूची जारी

Photo : BCCL

Uttar Pradesh Nikay Chunav 2023: सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के लिए सरकार की ओर से गुरुवार को आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। इसमें 17 नगर निगमों में 6 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। 2 मेयर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुए हैं। 4 मेयर पद OBC के लिए तो 8 सीटें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।

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यूपी निकाय चुनाव की आरक्षण सूची

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम चुनाव को हरी झंडी दिखाते हुए दो दिन में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया, छह अप्रैल शाम छह बजे तक आपत्तियां ली जा सकेंगी।

किन सीटों को किया गया आरक्षित

प्रदेश के 17 नगर निगमों में सरकार ने आगरा नगर निगम को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया है। झांसी की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। शाहजहांपुर और फिरोजाबाद नगर निगम की सीट पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की गई है। सहारनपुर, मेरठ की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। लखनऊ, कानुपर और गाजियाबाद की सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या और मथुरा, वृन्दावद की सीट अनारक्षित रखी गई है।

महिलाओं के लिए कुल 288 सीटें आरक्षित

बता दें, प्रदेश में कुल 762 नगर निकायों में 760 सीटों पर चुनाव होगा। नए सिरे से जारी की गई आरक्षण सूची में ओबीसी वर्ग को खासा तवज्जो दी गई है। इसमें कुल 288 सीटें महिलाओं के लिए, ओबीसी के लिए 205, एससी के लिए 110 और दो सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। बता दें, 17 नगर निगम के अलावा 200 नगर पालिका परिषद और शेष नगर पंचायत की सीटों पर चुनाव होगा।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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