लखनऊ

NCR–UP में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल; तैयार हुआ एक्शन प्लान

एनसीआर के यूपी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को काबू में करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर कदम तेज कर दिए हैं। सड़क धूल से लेकर डीज़ल ऑटो रिक्शा तक, हर मुख्य प्रदूषण स्रोत पर विशेष फोकस रखा गया है। इस व्यापक योजना का लक्ष्य शहरों की हवा को स्वच्छ बनाकर लोगों को प्रदूषण से वास्तविक राहत देना है।

UP-NCR Launches Comprehensive Action Plan to Curb Rising Air Pollution (Photo: ANI)

वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए योगी सरकार की पहल (फोटो: एएनआई)

UP NCR Air Pollution Control: एनसीआर के यूपी हिस्से में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए योगी सरकार ने एक व्यापक और प्रभावी रणनीति तैयार की है। मुख्य सचिव के नेतृत्व में बने इस प्लान में सड़क की धूल को प्रमुख प्रदूषण स्रोत मानते हुए ठोस कदम तय किए गए हैं। योजना का मुख्य फोकस सड़क मार्गों के पुनर्निर्माण, धूल कम करने के उपायों और सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर रखा गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बड़े मिशन की जिम्मेदारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को नोडल अधिकारी के रूप में सौंप दी है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर एक परियोजना निगरानी इकाई (PMU) का गठन किया गया है, जिसकी कमान इसी विभाग के सचिव के हाथों में होगी। इस PMU में शहरी विकास, लोक निर्माण, आवास एवं शहरी नियोजन और औद्योगिक व अवसंरचना विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि पूरी योजना का प्रभावी और बिना रुकावट क्रियान्वयन हो सके।

कई आधुनिक उपाय लागू

नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सड़क धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन, पानी के स्प्रिंकलर और मशीनों द्वारा सफाई जैसे कई आधुनिक उपाय लागू कर रहे हैं। यह पूरी कार्य योजना एनसीआर-यूपी की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है, जिससे महानगरों में रहने वाली बड़ी आबादी को प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। यूपी–एनसीआर में लोगों को बढ़ते प्रदूषण से राहत देने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा के संचालन पर सख्ती बढ़ा दी है।

डीजल ऑटो रिक्शा पूरी तरह बंद

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में डीजल ऑटो रिक्शा पूरी तरह बंद किए जाएंगे। वहीं बागपत जिले में भी डीजल ऑटो का संचालन 31 दिसंबर 2025 तक पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया गया है। मेरठ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने ऐसे वाहनों के लिए नए परमिट जारी करने और पुराने परमिट नवीनीकृत करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में भी 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से ऑटो रिक्शा संचालन खत्म किया जाएगा।

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