Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां महराजगंज के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) के सरकारी वाहन से गोरखपुर में कथित तौर पर कुचले जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने डीडीओ की गाड़ी को जब्त कर लिया है और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के मोघला इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, बच्ची अचानक तेज रफ्तार से आ रहे वाहन के सामने आ गई थी। पुलिस ने बताया कि बच्ची को बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। बच्ची की मौत से पूरे घर में मातम पसर गया है। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
वाहन चालक मौके से फरार
न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार, गुलरिहा पुलिस ने डीडीओ की गाड़ी जब्त की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुलरिहा के एसएचओ ने बताया कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान प्रसाद के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, "बच्ची की पहचान माधुरी के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है और अभी तक लिखित तौर पर कोई शिकायत नहीं मिली है।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची के शव को परिवार को सौंप दिया जाएगा।
हादसे के दौरान कार में नहीं थे डीडीओ
बच्ची के पिता नेवी उर्फ लंगड़ा मूल रूप से उसी जिले के बांसगांव के रहने वाले हैं और भीख मांग कर जीवन यापन करते हैं। परिवार पिपराईच इलाके में एक अस्थायी आश्रय गृह में रहता है। डीडीओ भोलानाथ कनौजिया ने कहा कि घटना के समय वह कार में नहीं थे। उन्होंने कहा, "मेरा ड्राइवर मुझे लेने गया था लेकिन मैं उसे नहीं मिला। मुझे घटना के बारे में बाद में पता चला।"
(इनपुट - भाषा)
