UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों को मानकों के अनुरूप बजाने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद यूपी में कई जिलों में ज्यादा आवाज वाले लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई हो रही है। वहीं, इस आदेश के बाद कई जगहों पर लाउडस्पीकरों को बदला भी जा रहा है। सीएम योगी के इस आदेश का वास्तविक हाल क्या है? यह जानने के लिए टाइम्स नाउ नवभारत की टीम जमीन पर उतरी।
नवभारत के रिपोर्टर लखनऊ और प्रयागराज के कई इलाकों में घूमे और वहां धार्मिक स्थलों में बज रहे लाउडस्पीकरों का हाल जाना। कई जगह पर तो स्पीकर मानकों के अनुरूप मिले, लेकिन कई मस्जिदों में पुराना हाल था।
पुराने लखनऊ में क्या रहा हाल
यूपी में ध्वनि प्रदूषण को लेकर सीएम गंभीर हैं, लेकिन क्या उनकी गंभीरता पुलिस के एक्शन में और धर्म स्थलों पर लगे लाउड स्पीकर की आवाज में भी देखने को मिल रही है ये जानने के लिए हम पुराने लखनऊ के टीले वाली मस्जिद पहुंचे। इस मस्जिद में नमाज से पहले की अजान चल रही है। लाउड स्पीकर पर हो रही इस अजान की आवाज मस्जिद परिसर से बाहर नहीं आ रही है। साउंड मीटर में इसकी तस्दीक हो रही है जो 60 डेसीबल तक है। हालांकि टीले वाली मस्जिद के बाहर कुछ लाउड स्पीकर लगे हुए है लेकिन अजान के समय वो इस्तेमाल नही हो रहे थे। अंदर लगे लाउड स्पीकर पर अजान दी जा रही है और उनकी आवाज को इतना रखा गया है जिससे केवल अंदर के लोगो को ही सुनाई दे। लखनऊ पुलिस मानकों के विपरीत लाउड स्पीकर के खिलाफ अभियान भी चला रही है और उसी अभियान का नतीजा है कि धर्म स्थल से जुड़े लोग अपने आप ही लाउड स्पीकर की आवाज को कम करने लगे है ।
प्रयागराज का हाल भी जानिए
सीएम योगी निर्देश दिए हैं उत्तर प्रदेश में जिन मस्जिदों पर भी लगे लाउडस्पीकर से तय मानक से ज्यादा आवाज हो उन्हें मस्जिद कमेटी के लोगों से बात कर या तो कम कराया जाए या फिर ऐसे लोड स्पीकर को हटाया जाए । पुराने प्रयागराज के जामा मस्जिद में भी अज़ान के दौरान वहां लगे लाउडस्पीकर की आवाज करीब 86 डेसीबल थी। यह आवाज तय मानक से ज्यादा है। हालांकि, लाउड स्पीकर मस्जिद के गुंबद पर लगा हुआ है और शहर के अंदर भी मार्केट में शोर शराबा ज्यादा है। इसके बावजूद भी इस आवाज को पैमाने के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। जाहिर है सीएम के निर्देश के बाद ऐसे मस्जिदों के लाऊडस्पीकर या तो उतारे जाएंगे या फिर उनकी आवाज को कम कराया जाएगा।
