मंगलवार शाम यानी 30 सितंबर को लखनऊ जेल अस्पताल में एक कैदी ने गायत्री प्रजापति पर लोहे की पटरी से हमला कर दिया। इससे गायत्री प्रजापति के सिर और एक हाथ में गंभीर चोट आई है। तत्काल जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां उनके सिर में पांच टांके लगाए गए। इस मामले को लेकर डीआईजी राम धनी ने कहा कि यह पूर्वनियोजित साजिश नहीं थी बल्कि अचानक हुई घटना थी जिसमें प्रजापति घायल हो गए।
डीआईजी ने कहा कि गायत्री प्रजापति ने पहले अपशब्द बोले थे, जिसके बाद कैदी ने पूर्व मंत्री पर हमला किया था, उन्होंने बताया कि कैदी ने अलमारी में लगे लोहे के पटरे से उनपर हमला कर दिया था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं मौके पर मौजूद जेल प्रशासन ने उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती कराया।
हमला करने वाले कैदी की पहचान 22 साल के विश्वास राजपूत के रूप में हुई है। वो विश्वास मोअज्ज्म नगर का रहने वाला है और साल 2022 में आईपीसी की धारा 307 में जेल गया था, लेकिन घायल की मौत हो जाने के मुकदमा हत्या के बदल गया।
जेल अस्पताल में एक कैदी ने गायत्री प्रजापति पर हमला कर दिया। इससे गायत्री प्रजापति के सिर और एक हाथ में गंभीर चोट आई है। बेहतर इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। देर रात गायत्री प्रजापति पर हमले की खबर सुनते ही उनकी विधायक पत्नी अपनी बेटी के साथ रोते हुए ट्रॉमा सेंटर पहुंची।
गायत्री बोले-शातिर अपराधी ने हमला किया'
इस हमले के बाद जब गायत्री ट्रामा सेंटर पहुंचे, तब मीडिया से बात करते हुए गायत्री ने कहा, 'हमलावर विश्वास एक शातिर अपराधी है, जो लंबे समय से जेल में बंद है। मुझे खुशी है कि जान बच गई। यह सब अचानक हुआ, मेरा किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था।' जेल सूत्रों के अनुसार, विवाद साफ-सफाई को लेकर हुआ, जिसमें प्रजापति ने कैदी को फटकार लगाई।
अखिलेश ने की न्यायिक जांच की मांग
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, 'भूतपूर्व विधायक व उप्र सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। यूपी में कहीं भी, कोई भी सुरक्षित नहीं है!'
