सीतापुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आज़म खान मंगलवार को सीतापुर जिला कारागार से करीब दो साल बाद रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई के सवाल के जवाब में कहा कि 'पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है', बसपा में शामिल होने की अटकलों के बारे में उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। अभी मैं अपना इलाज करवाऊंगा, अपनी सेहत पर काम करूंगा और फिर सोचूंगा कि क्या करना है? आजम के सपा में रहने या बपसा में जाने की अटकलों के बाद सियासी बयानबाजी बढ़ गई है। इस बीच प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि आजम खान चाहें सपा में रहें या बसपा में जाएं, सपा-बसपा दोनों की 2027 में हार का मातम तय है। इससे पहले, सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खान साहब के किसी अन्य पार्टी में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। वह समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं और हमेशा रहेंगे।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज़म खान की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्य में सपा की सरकार बनने पर खान के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
कितने दिन जेल में रहे आजम खान
आजम खां को करीब दो साल बाद सीतापुर जेल से रिहा किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री जी ने अपने मुकदमे वापस लिए हैं... न सिर्फ अपने बल्कि उप मुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य) और तमाम भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) नेताओं के मुकदमे भी वापस लिए गए हैं, उसी तरह सपा की सरकार आई तो आजम खां साहब पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
क्या बोले अखिलेश
उन्होंने कहा कि सपा नेता आजम खां साहब की रिहाई हो चुकी है। इसके लिए मैं अदालत का धन्यवाद देना चाहता हूं। हमें पहले से भरोसा था कि अदालत न्याय करेगी। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में एक भी झूठा मुकदमा नहीं लगाया जाएगा। भाजपा सरकार, रामपुर के विधायक (आकाश सक्सेना), भाजपा के अन्य नेता और वह अधिकारी, जिसे बार-बार विस्तार मिला है — अब अन्याय नहीं करेंगे। अखिलेश ने कहा, ‘‘समाजवादियों के लिए यह खुशी का समय है कि आजम खां जेल से रिहा हुए हैं।
जब आजम खां के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल होने की अटकलों पर सवाल पूछा गया, तो सपा प्रमुख ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि आजम खां साहब समाजवादी पार्टी, उसके संस्थापक नेताजी और हम सबके साथ हैं। भाजपा का मुकाबला करने में उनकी और समाजवादियों की हमेशा से बड़ी भूमिका रही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को पुलिस रिकॉर्ड और सार्वजनिक नोटिसों से ‘‘जाति’’ सूचक शब्द हटाने के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘सरकार अब जागी है, जब हर जगह स्वजातीय, वर्चस्ववादी और ताकतवर लोगों को बैठा दिया गया है। यह जो 5000 साल पुरानी बातें (वर्ण व्यवस्था के आधार पर भेदभाव) थी उनको दूर कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि यह उच्च न्यायालय का फैसला है, लेकिन मेरा मानना है कि हमारे समाज का पहला भावनात्मक रिश्ता जाति से है, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता
