लखनऊ

बहराइच में कैसे पकड़ा गया आदमखोर? थर्मल ड्रोन से सफल हुआ ऑपरेशन भेड़िया

Operation Bhediya: उत्तर प्रदेश के बहराइच में लोगों ने चैन की सांस ली, क्योंकि आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर भेड़िए पकड़े जा चुके हैं। सीएम योगी की पल-पल की मॉनिटरिंग और वन विभाग के अधिकारियों की मेहनत रंग लाई। इस ऑपरेशन को थर्मल ड्रोन की मदद से अंजाम दिया गया है।

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ऑपरेशन भेड़िया।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • सीएम की पल-पल की मॉनिटरिंग लाई रंग।
  • सिसैया के कछार से पकड़ा गया भेड़िया।
  • बुधवार रात थर्मल ड्रोन से हुआ था ट्रेस।

Operation Bhediya: मुनिया अपनी सहेली रूपा, नीना और ज्योति के साथ अब बाहर खेल सकेगी। भोर होते ही किसान अब खेतों की ओर निकल सकेंगे और ग्रामीण अब चैन की नींद ले पाएंगे। ये भले ही काल्पनिक कहानी है, लेकिन अब यूपी के बहराइच की हकीकत कुछ ऐसी ही है, क्योंकि आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर भेड़िया पकड़े जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पल-पल की मॉनिटरिंग और वन विभाग के अधिकारियों की मुस्तैदी से आदमखोर भेड़िया आखिरकार गुरुवार सुबह पकड़ ही लिया गया। आदमखोर भेड़िया के आतंक से लगभग 35 से अधिक गांवों के लोग आतंकित थे। वन विभाग के इस प्रयास से बहराइच के स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली है। वन विभाग ने बहराइच से अब तक चार भेड़ियों को पकड़ लिया है। इस खूंखार भेड़िए को गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। सीएम योगी ने वन विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा की।

आतंक के पर्याय से मुक्ति

बहराइच के लगभग 35 से अधिक गांवों में आतंक का पर्याय बन चुका आदमखोर भेड़िए से गुरुवार की सुबह मुक्ति मिल गई। वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अथक प्रयास से काफी मशक्कत के बाद इसे पकड़ लिया गया। आदमखोर भेड़िए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की आंखों में सुकून नजर आया। सभी ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना की।

पैरों के निशान से पकड़ में आया भेड़िया

वन विभाग ने तीन भेड़ियों को पहले ही पकड़ लिया था। सबसे खूंखार भेड़िया गुरुवार की सुबह पकड़ा गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार रात 11 बजे थर्मल ड्रोन से इसे ट्रेस किया गया। सुबह पांच बजे के आसपास फिर ड्रोन के जरिए इस पर नजर रखी गई। भेड़िया के पैर के निशान दिख गए, फिर वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की टीम ने तत्काल मुस्तैदी दिखाते हुए सुबह करीब पौने 11 बजे इसे सिसैया गांव के कछार से काफी मशक्कत कर पकड़ लिया। दो अन्य भेड़ियों की तलाश जारी है।

गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा भेड़िया

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस भेड़िया को गोरखपुर के चिड़ियाघर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि ड्रोन से मैपिंग की गई। बुधवार दिन भर इस पर काम किया गया। इसे निरंतर ट्रैक करने के दौरान गुरुवार सुबह पैर के निशान से इसकी लोकेशन चिह्नित कर ली गई। फिजिको केमिकल इमोबलाइजेशन का सहारा लिया गया। फिर जाल डालकर इसे पकड़ लिया गया।

सीएम के निर्देश पर पीड़ितों से मिले वन मंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन व पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) संजय श्रीवास्तव समेत अन्य बुधवार को बहराइच पहुंचे थे। पीड़ितों के बीच गांवों में पहुंचकर उन्हें जागरूक करने के बाद वन मंत्री ने विश्वास दिलाया था कि भेड़िए को पकड़ने के लिए विभाग की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। मुख्यमंत्री स्वयं इस पर नजर रखे हैं। वन मंत्री के पहुंचने के 24 घंटे के भीतर ही इस आदमखोर भेड़िए को पकड़ लिया गया।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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