लखनऊ

Mulayam Singh Yadav Death Anniversary : वंचितों को 'सिर ऊंचा करके चलने का सम्मान' दिया...पुण्यतिथि पर यूं याद किए गए नेताजी

Mulayam Singh Yadav Death Anniversary : अखिलेश और सपा के वरिष्ठ नेताओं ने पुण्यतिथि पर मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर राम गोपाल यादव ने कहा कि नेताजी ने गरीबों के लिए लड़ाई लड़ी और समाज के वंचित वर्गों को सम्मान दिया। जो लोग दिल्ली का रास्ता नहीं जानते थे, उन्हें उन्होंने सांसद बनाया, जो लखनऊ से अपरिचित थे, उन्हें उन्होंने विधायक बनाया। मुलायम सिंह यादव ने वंचित लोगों को “सिर ऊंचा करके चलने का सम्मान” दिया।

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सपा संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि (फोटो-@yadavakhilesh)

Mulayam Singh Yadav Death Anniversary 2025 : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। सपा संस्थापक की तीसरी पुण्यतिथि पर लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय सहित प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी।

परिवार ने दी श्रद्धांजलि

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ शिवपाल यादव, राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव और रामजी लाल सुमन सहित कई प्रमुख नेता सैफई में मुलायम सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि इस स्थल पर जल्द ही दिवंगत नेता को समर्पित एक स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां नेताजी (मुलायम सिंह) के नाम पर एक स्मारक होगा...सभी समाजवादियों के लिए एक स्मारक। यह पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और इसके माध्यम से, नेताजी अपने विचारों के रूप में हमारे बीच रहेंगे।

इससे पहले, राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा था कि मुलायम सिंह यादव का भारत के समाजवादी आंदोलन में एक महत्वपूर्ण स्थान था उन्होंने कहा कि मैं इसे कोई उपलब्धि नहीं मानता कि वह (मुलायम सिंह) रक्षा मंत्री या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1977 में जब सभी समाजवादी धड़े जनता पार्टी में विलीन हो गए, तब भारत में समाजवादी आंदोलन लगभग समाप्त हो गया था। लेकिन 1992 में मुलायम सिंह यादव ने देश भर के समाजवादियों को एकजुट करके समाजवादी पार्टी बनाई।

सुमन ने कहा, “जब तक दुनिया में लाचारी, बेरोजगारी और असमानता रहेगी, समाजवादी विचारधारा प्रासंगिक रहेगी।...इतिहास चाहे उनके (मुलायम सिंह के) बारे में चार पन्ने लिखे या चार पंक्तियां, भारत के समाजवादी आंदोलन में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

राम गोपाल यादव ने क्या कहा?

वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने कहा कि दिवंगत नेता का जनाधार उनकी पार्टी से कहीं आगे तक फैला हुआ था। अपने पूरे जीवन में नेताजी ने कभी किसी की मदद से गुरेज नहीं किया, यहां तक कि दूसरी पार्टियों से भी नहीं। मैं इसका गवाह हूं कि जब भी वे मुख्यमंत्री रहे, उन्होंने अपने सचिव को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर कोई भी, चाहे वह भाजपा, कांग्रेस या बसपा से हो, सच्चे काम के लिए आए या अपने रिश्तेदारों से संबंधित हो, तो उसकी बिना देर किए मदद की जाए।

राम गोपाल यादव ने कहा कि उन्होंने (मुलायम ने) गरीबों के लिए लड़ाई लड़ी और समाज के वंचित वर्गों को सम्मान दिया। जो लोग दिल्ली का रास्ता नहीं जानते थे, उन्हें उन्होंने सांसद बनाया, जो लखनऊ से अपरिचित थे, उन्हें उन्होंने विधायक बनाया। मुलायम सिंह यादव ने वंचित लोगों को “सिर ऊंचा करके चलने का सम्मान” दिया।

समाजवादी विचारधारा के पुरोधा थे नेताजी

कांग्रेस ने एक बयान जारी कहा कि समाजवादी विचारधारा के पुरोधा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि के मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अजय राय ने कहा कि मुलायम सिंह यादव एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने गरीब, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्गों की आवाज को बुलंद किया तथा उनका राजनीतिक जीवन सामाजिक न्याय और समानता की भावना से प्रेरित रहा।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (1939-2022), तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व रक्षा मंत्री रहे। राम मनोहर लोहिया से प्रेरित वरिष्ठ समाजवादी नेता को अपने गहरे जमीनी जुड़ाव और पिछड़े वर्ग की लामबंदी के लिए जाना जाता था। मुलायम सिंह यादव ने अपने पांच दशक के राजनीतिक जीवन में कई बार विधायक और सांसद के रूप में कार्य किया। बयान के मुताबिक, मुलायम का 10 अक्टूबर 2022 को 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया था और उनका अंतिम संस्कार सैफई में किया गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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