Lucknow: कोरोना वायरस को रोकने के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें तक एक्टिव नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भी इस वायरस के रोकथाम के लिए मुस्तैदी नजर आ रही है, लेकिन धरातल की तस्वीर अलग ही कहानी कह रही है। राजधानी लखनऊ के चारों सरकारी टीकाकरण केंद्रों में कोविड-19 की वैक्सीन का भंडार खत्म हो गया है। जिसकी वजह से टीकाकरण के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग वैक्सीनेशन सेंटर से बगैर टीकाकरण के ही वापस लौट रहे हैं।
वैक्सीन की कमी की जानकारी देते हुए लखनऊ के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एम के सिंह ने बताया कि, बीते सोमवार को ही शहर के सभी सरकारी केंद्रों पर कोविड-19 की वैक्सीन खत्म हो गई। सरकार को पहले ही वैक्सीन मुहैया कराने की गुजारिश की जा चुकी है। वैक्सीन मिलते ही फिर से टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी वैक्सीन सॉटेज पर राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि, “यूपी सरकार केंद्र से वैक्सीन मिलने का इंतजाम कर रही है। प्रदेश में जल्द ही कोविड वैक्सीन की 10 लाख खुराक पहुंचने वाली है। जिसके बाद फिर से वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाएगा।
लोगों में फैल रहा डर, निराश होकर लौट रहे लोग
बता दें कि, वैक्सीन की कमी का सामना राज्य के कई जिलों को दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से राज्य में एहतियाती खुराक लगवाने के लिए सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अब राज्य सरकार के पास वैक्सीन की स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो चुका है। जिसकी वजह से लगभग पूरे राज्य में वैक्सीनेशन अभियान बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। वैक्सीन न होने से लोगों में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर डर भी फैल रहा है। बता दें कि, राजधानी लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल, लोक बंधु अस्पताल और एन के रोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोविड-19 का टीकाकरण केंद्र बनाए गया था। इन जगहों पर लोगों को मुफ्त में टीका लगाया जा रहा था, लेकिन अब यह पूरी तरह से बंद हो चुके है।
