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लखनऊ-गोरखपुर वंदे भारत का शेड्यूल जारी, चार घंटे में पूरा होगा सफर; 7 जुलाई को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 5, 2023, 06:07 PM IST

Lucknow Gorakhpur Vande Bharat: रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ट्रेन शनिवार को छोड़कर बाकी छह दिन चलेगी। यह गोरखपुर से सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर रवाना होगी और 10 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ पहुंचेगी।

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वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

Photo : BCCL

Lucknow Gorakhpur Vande Bharat: उत्तर प्रदेश को एक और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन का नंबर और शेड्यूल जारी हो गया है। गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ के अलावा यह ट्रेन बस्ती में भी रुकेगी।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ट्रेन शनिवार को छोड़कर बाकी छह दिन चलेगी। यह गोरखपुर से सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर रवाना होगी और 10 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ पहुंचेगी। वहीं लखनऊ से शाम 7 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी और अयोध्या होते हुए 11 बजकर 25 मिनट पर गोरखपुर पहुंच जाएगी।

सात जुलाई को शाम को गोरखपुर से होगी रवाना

रेलवे की ओर से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, सात जुलाई को उद्घाटन वाले दिन यह ट्रेन शाम तीन बजकर 40 मिनट पर रवाना होगी और रात आठ बजे लखनऊ पहुंच जाएगी। वहीं, आठ जुलाई से इस ट्रेन की टाइमिंग नियमित हो जाएगी।

सफल रहा था ट्रायल रन

गोरखपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का मंगलवार को ट्रायल रन सफल रहा था। मंगलवार को गोरखुपर से ट्रेन सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर चली और लखनऊ पहुंचने के अपने निर्धारित समय से 18 मिनट पहले ही ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गई। गोरखपुर से लखनऊ के बीच 296 किलोमीटर का सफर तय करने में ट्रेन को करीब चार घंटे का समय लगा। शाम सात बजकर 15 मिनट पर ट्रेन वापस गोरखपुर लौट गई थी।

गोरखपुर- लखनऊ वंदे भारत टाइमिंग (22549)

सुबह 6:05 बजे गोरखुर पुर से चलेगी

सुबह 6:58 बजे बस्ती पहुंचेगी

सुबह 7:00 बजे बस्ती से चलेगी

सुबह 8:15 बजे अयोध्या पहुंचेगी

सुबह 8:17 बजे अयोध्या से चलेगी

सुबह 10:15 बजे लखनऊ पहुंचेगी

लखनऊ-गोरखपुर वंदे भारत टाइमिंग (22550)

शाम 7:15 बजे लखनऊ से चलेगी

रात 9:13 बजे अयोध्या पहुंचेगी

रात 9:15 बजे अयोध्या से चलेगी

रात 10:30 बजे बस्ती पहुंचेगी

रात 10:32 बजे बस्ती से चलेगी

रात 11:25 बजे गोरखुर पहुंचेगी

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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