लखनऊ

पहली अप्रैल से यूपी में महंगी होगी शराब, शौकीनों को जेब और करनी पड़ेगी ढीली, लाइसेंस फीस में भी होगा इजाफा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 29, 2023, 02:38 PM IST

Liquor Policy In UP: यूपी में नई आबकारी नीति को मंजूरी मिल गई है। आबकारी नीति 2023-24 में शराब और बीयर की दुकानों की लाइसेंस फीस दस प्रतिशत बढ़ा दी गई है। अगले वित्तीय वर्ष में सरकार ने आबकारी विभाग से करीब 45 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में एक अप्रैल से शराब की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाएगी।

Image

एक अप्रैल से यूपी में महंगी होगी शराब

KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी के देसी व अंग्रेजी शराब और बीयर के शौकीनों के लिए जरूरी खबर
  • यूपी में एक अप्रैल से महंगी होगी शराब
  • नयी आबकारी नीति को कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूर


Liquor Policy In UP: उत्तर प्रदेश में पहली अप्रैल से देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर के शौकीनों को जेब और ढीली करनी पड़ेगी। राज्य की अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 की नई आबकारी नीति को कैबिनेट की बैठक में मंजूर मिल गई। नई नीति के मुताबिक, यूपी में फुटकर शराब और बीयर विक्रेताओं की लाइसेंस फीस दस फीसदी बढ़ जाएगी। इसके अलावा अब तक मॉडल शॉप पर शराब पिलाने पर दो लाख रुपये वार्षिक शुल्क देना पड़ता था, जिसे बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया गया है। ऐसे में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि यूपी में पहली अप्रैल से 25 फीसदी तीव्रता वाली देसी शराब का 200 मिलीलीटर का पव्वा 50 रुपये से बढ़कर 55 रुपये और 36 फीसदी तीव्रता वाला 200 एमएल का पव्वा 65 रुपये के बजाए 70 रुपये का हो जाएगा।

इसके अलावा, सड़े हुए अनाज से बनाई जाने वाली 42.8 फीसदी तीव्रता वाली देसी शराब का 200 एमएलका पव्वा 75 के बजाए 80 रुपये में बिकने लगेगा। इसी तरह अंग्रेजी शराब के पापुलर ब्रांड में एक क्वार्टर पर करीब 10 रुपये बढ़ सकते हैं। बीयर की कीमतों में भी पांच से सात रुपये प्रति केन की बढ़ोतरी संभावित है।

यूपी में नई शराब नीति की अहम बातें

अगले वित्तीय वर्ष में शराब और बीयर की फुटकर दुकानें चलाने के लिए विक्रेताओं को दस फीसदी शराब और अधिक बेचनी होगी। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग से करीब 45 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह पिछले साल के लक्ष्य से पांच हजार करोड़ ज्यादा है। शराब नीति में देशी और अंग्रेजी शराब, बीयर की दुकानों एवं मॉडल शॉप के खुलने और बंद होने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन विशेष अवसरों पर शासन की पूर्व अनुमति से बिक्री के समय में बढ़ोतरी की जा सकेगी। मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस दो लाख से तीन लाख रुपये की गई है। ऐसे में वहां शराब पीने पर अब अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

शराब पीना और भी होगा महंगा

इसके अलावा, देशी-विदेशी शराब, बीयर और भांग की दुकानों एवं मॉडल शॉप के लाइसेंस का नवीनीकरण होगा। इसके आवेदन पत्र की प्रोसेसिंग फीस व नवीनीकरण फीस बढ़ा दी गई है। वहीं, नवीनीकरण से अवशेष दुकानों और मॉडल शॉप ई-लॉटरी के जरिए आवंटित होंगी। तीन चरणों की ई-लॉटरी के बाद अवशेष दुकानों का आवंटन ई-टेंडर के जरिए किया जाएगा। होम लाइसेंस के लिए मदिरा क्रय, परिवहन और निजी कब्जे में रखने की अधिकतम मात्रा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा गोदामों के लाइसेंस की फीस और प्रतिभूति में बढ़ोतरी की गई है। मास्टर वेयरहाउस के पंजीकरण और नवीनीकरण फीस भी बढ़ाई गई है। नोएडा के प्राधिकरण क्षेत्र, लखनऊ और गाजियाबाद के नगर निगम क्षेत्र और इसकी परिधि से पांच किमी तक स्थित होटल, रेस्टोरेंट व क्लब की लाइसेंस फीस भी बढ़ा दी गई है। अब यहां शराब पीना और भी महंगा होगा।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल author

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच ए... और देखें

End of Article