लखनऊ

UP के नए DGP होंगे IPS राजीव कृष्ण, प्रशांत कुमार की लेंगे जगह

सीनियर IPS अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया पुलिस महा निदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है।

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राजीव कृष्ण बनाए गए UP के नए डीजीपी

Photo : Twitter

सीनियर IPS अधिकारी राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी नियुक्त किए गए हैं। प्रशांत कुमार को लेकर लगाई जा रही अटकलें अब खत्म हो गई हैं। ऐसा अनुमान था कि उनकी सेवाओं को एक्सटेंशन दिया जा सकता है। पिछले पांच सालों से वह उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मई 2020 में सरकार ने प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश का एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) बनाया था। जब उन्हें डीजी के पद पर प्रमोट किया गया तो उन्हें स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) बनाया गया।आज यानी 31 मई को प्रशांत कुमार रिटायर हो गए हैं। जिसके बाद ये जिम्मेदारी राजीव कृष्ण को सौंपी गई है।

राजीव कृष्ण 1991 बैंच के IPS अधिकारी हैं। फिलहाल कृष्ण डीजी विजिलेंस और यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। राजीव कृष्ण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माना जाता है। हाल ही में पेपर लीक विवाद के बाद उन्हें यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

1991 में आईपीएस बनने के बाद उनकी पहली तैनाती प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में इलाहाबाद में हुई थी। इसके बाद बरेली, कानपुर, अलीगढ़ में एएसपी के तौर पर तैनात रहे। 1997 को इन्हें पहली बार जिले की कमान सौंपी गई और फिरोजाबाद के एसपी बने।

इसके बाद वह इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, आगरा, लखनऊ, बरेली के एसएसपी रहे। मायावती के शासनकाल में जब बड़े जिलों में एसएसपी की जगह पर डीआईजी की तैनाती हो रही थी, उस समय इन्हें लखनऊ जिले का डीआईजी बनाया गया था।

राजीव कृष्ण मेरठ रेंज के आईजी भी बने थे। 2012 में सेंट्रल डेप्युटेशन पर चले गए। सितंबर, 2017 में लौटे तो पहले पुलिस एकेडमी मुरादाबाद में तैनाती दी गई। फिर 2018 को इन्हें लखनऊ जोन का एडीजी बनाया गया।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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