लखनऊ

गोरखपुर रेलवे स्टेशन का बदलेगा 'तेवर और कलेवर', भौतिक के साथ कराएगा सांस्कृतिक यात्रा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 30, 2023, 11:48 PM IST

सीएम योगी ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो भी ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा नए गोरखपुर का नया रेलवे स्टेशन। आजादी के अमृत काल में विकसित होने जा रहे गोरखपुर स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं तो होंगी ही, वहां स्थानीय कला व विरासत का अद्भुत संगम भी होगा।

Gorakhpur Railway Station: भारतीय रेलवे इन दिनों देश के कई स्टेशनों के कायाकल्प में लगा हुआ है। बहुत से स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। इन स्टेशनों में भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इन्हें विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अब इन रेलवे स्टेशनों की सूची में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन को का नाम भी जुड़ने वाला है।

दरअसल, अब भारतीय रेलवे गोरखपुर रेलवे स्टेशन के भी तेवर और कलेवर बदलने की योजना तैयार कर रहा है। इस स्टेशन को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व बहुत सी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही साथ यह स्टेशन गोरखपुर की सांस्कृतिक छाप भी छोड़ेगा।

सीएम योगी ने की बैठक

गोरखपुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेलवे व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन को सेंटर ऑफ सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम योगी ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर रेलवे स्टेशन 'सेंटर ऑफ सिटी' के रूप में विकसित होगा। यह स्टेशन आधुनिक तो होगा ही, उसमें यहां की कला-संस्कृति भी अभिव्यक्त होगी।

सामने आया वीडियो

सीएम योगी ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो भी ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन को दिखाया गया है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस नजर आ रहा है। उन्होंने बताया, रेलवे स्टेशन स्थानीय कला और विरासत को भी संगम होगा। उन्होंने ट्वीट किया, 'नए गोरखपुर का नया रेलवे स्टेशन। आजादी के अमृत काल में विकसित होने जा रहे गोरखपुर स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं तो होंगी ही, वहां स्थानीय कला व विरासत का अद्भुत संगम भी होगा। अब यह स्टेशन मात्र भौतिक-यात्रा का ही माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि हमें सांस्कृतिक-यात्रा भी कराएगा। गोरखपुर रेलवे स्टेशन की डिजाइन तैयार की गई है, जिसे जल्द ही अप्रूवल मिलने की उम्मीद है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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