लखनऊ

'मुसलमानों की लाशों पर बनेगी केंद्र सरकार'..., सपा के पूर्व MLA हाजी जमीरउल्ला का भड़काऊ बयान

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 24, 2023, 11:19 AM IST

Zameer Ullah Khan: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान ने कहा, मुसलमानों से मैं यह कहूंगा कि यह 2024 आ रहा है कि सरकार आपकी लाशों पर बनेगी, टारगेट आप लोग ही होंगे। 2024 आते-आते देखना क्या होगा, आपका जीना हराम हो जाएगा।

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हाजी जमीरउल्लाह खान

Photo : Twitter

Zameer Ullah Khan: भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान ने भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने रमेश बिधूड़ी पर हमला करते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में इस बार मुसलमानों की लाशों पर सरकार बनेंगी, चाहें वह किसी की भी सरकार बनें। उन्होंने कहा, केंद्र में किसी की भी सरकार बनें, टारगेट मुसलामनों को ही किया जाएगा।

उनका यह बयान भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी की टिप्पणी के जवाब में आया है। उन्होंने कहा, मुसलमानों से मैं यह कहूंगा कि यह 2024 आ रहा है कि सरकार आपकी लाशों पर बनेगी, टारगेट आप लोग ही होंगे। उन्होंने कहा, मेरा मुसलमानों से कहना है कि आप लोगों को बहुत संयम के साथ रहना है और देशहित में वोट देता है।

अभी तो आपको बहुत कुछ देखना बाकी है

जमीर उल्लाह खान ने कहा, अभी आप लोगों को बहुत कुछ देखना बाकी है। 2024 आते-आते देखना क्या होगा, आपका जीना हराम हो जाएगा, इसलिए अपने हिंदू भाईयों के साथ बहुम मेलजोल बढ़ाकर साथ-साथ चलें। उन्होंने कहा, अयोध्या में जानबूझ कर एनकाउंटर कर दिया गया। यहां मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। हिंदू और मुसलमानों को मिलकर देश को बचाना पड़ेगा। ये लोग देश को कहां ले जा रहे हैं, पता नहीं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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