लखनऊ

बाढ़ से निपटने को तैयार यूपी, CM योगी ने दिए 31 मार्च तक ड्रेन की सफाई के निर्देश

यूपी सरकार अब बाढ़ की समस्याओं का परमानेंट समाधान निकालने की तैयारी में है। सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ संबंधी परियोजनाओं को लेकर बैठक की, जिसमें 31 मार्च तक ड्रेन की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बांधो के निरीक्षण के लिए भी कहा गया है।

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बाढ़ की समस्या से निपटने को तैयार यूपी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ की समस्या को देखते हुए उनका एक परमानेंट समाधान निकालने के लिए अधिकारियों को नदी की स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ संबंधी परियोजनाओं की समीक्षा भी की। इन परियोजनाओं के समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ड्रेजिंग और मेन स्ट्रीम के सिल्ट की अधिकता को प्राथमिकता दी। आइए अब आपको बताएं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए क्या-क्या निर्देश दिए -

31 मार्च तक ड्रेन की सफाई के निर्देश

प्रदेश के सीएम योगी ने बाढ़ प्रबंधन के साथ जन-जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और उस दौरान उन्होंने तटबंधों की निगरानी और ड्रेन की सफाई समय पर करने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, सीएम ने 31 मार्च यानी एक महीने के भीतर ड्रेन की सफाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला स्तर पर बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24/7 एक्टिव रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि बाढ़ की स्थिति से सुरक्षा पाने के लिए 3869 किमी लंबाई वाले 523 तटबंध या बांध (Embankment) और 10727 ड्रेन बनवाए गए हैं। पिछले साल मानसून के दौरान यूपी के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। इससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गई थी। गांव के गांव जलमग्न हो गए थे। लोगों के घरों में पानी जाने के कारण उन्हें स्थानांतरित होना पड़ा था। ऐसी स्थिति फिर न आए, इसे ध्यान में रखते हुए ड्रेन सिस्टम को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कई संवेदनशील जिलों लिस्ट भी तैयार की गई है।

संवेदनशील की श्रेणी में शामिल यह जिले

बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए यूपी सरकार द्वारा संवेदनशील जिलों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इन जिलों में यूपी के महाराजगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, बिजनौर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, गोण्डा, बलिया, देवरिया, सीतापुर, बलरामपुर, अयोध्या, मऊ, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, बदायूं, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, संतकबीर नगर, पीलीभीत और बाराबंकी को शामिल किया गया है।

एक साल में 305 बाढ़ संबंधी परियोजना हुई पूरी

जानकारी के अनुसार, 2024-25 के दौरान करीब 305 बाढ़ संबंधी परियोजनाओं को पूरा किया गया है। वहीं 2018-19 के दौरान करीब 1575 बाढ़ परियोजनाओं को पूरा किया गया था। इस दौरान स्थिति को समझते हुए आने वाले समय में भी कई अन्य संबंधित परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में यूपी सरकार कार्य कर रही है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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