Shaista Parveen: उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता को भले ही बहुजन समाज पार्टी (BSP)ने टिकट न दिया हो, लेकिन पार्टी नेताओं का प्यार उसके लिए कम नहीं हो रहा है। पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा है कि शाइस्ता अभी भी पार्टी का हिस्सा हैं और पुलिस ने अभी तक कोई ऐसा सबूत नहीं पेश किया है, जिससे यह साबित हो कि उमेश पाल हत्याकांड में उनकी संलिप्तता थी।
बता दें, उमेश पाल हत्याकांड से कुछ महीने पहले ही शाइस्ता बीएसपी में शामिल हुई थीं। उन्हें पार्टी की ओर से प्रयागराज मेयर का टिकट भी दिया गया था। हालांकि, उमेश पाल हत्याकांड में नामजद होने के बाद बसपा सुप्रीमो ने शाइस्ता का टिकट काट दिया। मायावती ने साफ कहा था कि पार्टी न ही शाइस्ता और न उनके परिवार के किसी व्यक्ति को मेयर का टिकट देने जा रही है।
क्या शाइस्ता के इशारे पर मिला सईद अहमद को टिकट
बता दें, शाइस्ता का टिकट काटकर बीएसपी ने यहां से सईद अहमद को मेयर का टिकट दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सईद अहमद को शाइस्ता के इशारे पर ही टिकट दिया गया। इस पर बसपा विधायक ने कहा कि उमेश पाल हत्याकांड में फरार होने के बाद से पार्टी का शाइस्ता से कोई संपर्क नहीं है। पार्टी ने अपने नेताओं से तय करके सईद अहमद को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी और खुद अतीक अहमद चाहता था शाइस्ता प्रयागराज से मेयर का चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा, पार्टी ने अभी तक शाइस्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वह अभी भी बसपा का हिस्सा हैं।उमेश पाल हत्याकांड में हैं नामजद
शाइस्ता परवनी उमेश पाल हत्याकांड में नामजद हैं। उमेश पाल के परिजनों ने शाइस्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद से शाइस्ता फरार चल रही हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शाइस्ता पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था, जिसे बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया। अतीक की हत्या के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शाइस्ता सरेंडर कर सकती है, लेकिन अभी तक उसने ऐसा नहीं किया।
