लखनऊ

सपा विधायक ने जताई हेलीकॉप्टर से नमाजियों पर फूल बरसाने की इच्छा, डीएम को लिखा पत्र

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 26, 2023, 10:26 AM IST

समाजवादी पार्टी से विधायक स्वामी ओमवेश का कहना है कि जितनी जल्दी उन्हें जिलाधिकारी से अनुमति मिलेगी, उतनी जल्दी कार्यक्रम की तैयारी शुरू की जाएगी।

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सपा विधायक स्वामी ओमवेश (क्रेडिट-https://www.facebook.com/swamiomvesh)

UP News: उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के विधायक स्वामी ओमवेश ने नमाजियों पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने की इच्छा जताकर प्रशासन को सकते में डाल दिया है। उन्होंने बिजनौर जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इसके लिए अनुमति भी मांगी है।

बता दें, स्वामी ओमवेश बिजनौर की चांदपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। शनिवार को जिलाधिकारी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि चांदपुर में मुस्लिम आबादी काफी अधिक है। ऐसे में वह इस त्यौहार पर नमाज के दौरान नमाजियों का हेलिकॉप्टार से फूल बरसाकर स्वागत करना चाहते हैं।

आधे घंटे तक होगी फूलों की बारिश

सपा विधायक की ओर से लिखे गए पत्र में आगे कहा गया है कि उनका हेलिकॉप्टर फूल भरकर उड़ान भरेगा और चांदपुर ईदगाह पर आधे घंटे तक फूलों की बारिश करेगा और वापस चला जाएगा। उन्होंने कहा, हेलीकॉप्टर की यहां कहीं पर भी लैंडिंग नहीं कराई जाएगी। उन्होंने चांदपुर डीएम से कहा है कि इस मामले में जल्द विचार कर उन्हें पुष्पवर्षा की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, जितनी जल्दी उन्हें इसके लिए अनुमति मिलेगी, उतनी ही जल्दी कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।

कांवड़ियों पर होती है पुष्पवर्षा

सपा विधायक की यह अपील इसलिए चर्चा में है कि उत्तर प्रदेश में बीते कुछ सालों से कांवड़ियों पर इसी तरह की पुष्पवर्षा की जाती रही है। इसके कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी सुर्खियां भी बटोरी हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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