लखनऊ

Azam Khan: जिस Hate Speech Case में गई थी आजम खान की विधायकी, उसी मामले में हुए बरी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 24, 2023, 02:07 PM IST

Azam Khan: हेट स्पीच मामले में सपा नेता आजम खान को रामपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है। इसी मामले में आजम खान को तीन साल की सजा सुनााई गई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई।

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हेट स्पीच मामले में आजम खान बरी

Photo : BCCL

Azam Khan: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान को आज रामपुर कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में आजम खान को बरी कर दिया है। इसी मामले में निचली अदालत ने आजम खान को तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी। बता दें, निचली अदालत ने हेट स्पीच मामले में आजम खान को दोषी माना था और तीन साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने अपना फैसल 27 अक्टूबर को सुनाया था।

जानकारी के मुताबिक, इसी मामले में आजम खान की ओर से एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया गया था, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने बताया है कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को गलत माना है।

हमें झूठा फंसाया गया

आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने बताया, निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हमने अपील दायर की थी। आज कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि निचली अदालत का फैसला गलत था और हेट स्पीच मामले में बाइज्जत बरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा, अभियोजन पक्ष केस नहीं साबित कर जाया, जाहिर तौर पर हमें झूठा फंसा गया था। अब हमें दोषमुक्त कर दिया गया है।

यहां जानिए पूरा मामला

हेट स्पीच से जुड़ा यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कहा है। आरोप था कि आजम खान ने मिलक विधानसभा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस मामले में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की ओर से मामला दर्ज कराया गया था। रामपुर की निचली अदालत ने बीते साल 27 अक्टूबर को इस मामले में आजम खान को दोषी पाया था और तीन साल की सजा का ऐलान किया था। इसके बाद आजम खान की विधायकी चली गई थी, जिसके बाद रामपुर में विधानसभा चुनाव हुए, उसमें भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने जीत हासिल की थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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