लखनऊ

अमेठी में थाने के अंदर सपा विधायक की गुंडागर्दी, भाजपा नेता को पुलिस के सामने पीटा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 10, 2023, 08:45 PM IST

UP News: सपा विधायक राकेश कुमार सिंह मंगलवार शाम से पुलिस के खिलाफ धरना दे रहे थे। इसी बीच भाजपा निकाय चुनाव की प्रत्याशी रश्मि सिंह के पति और भाजपा नेता दीपक सिंह थाने पहुंच गए। थाने पहुंचते ही उन्होंने गाली दी, जिसके बाद सपा विधायक काफी उग्र हो गए और उन्होंने दीपक सिंह की पिटाई शुरू कर दी।

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सपा विधायक ने भाजपा नेता को पीटा

Photo : Twitter

UP News: उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले अमेठी में सपा विधायक की गुंडागर्दी सामने आई है। समाजवादी पार्टी से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने यहां भाजपा नेता दीपक सिंह की पिटाई कर दी। यह घटनाक्रम गौरीगंज थाने के अंदर हुआ और पुलिस तमाशाबनी बनी रही। हालांकि, मामला बढ़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया, जिसके सपा विधायक को घर भेज दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, मतदान से एक दिन पहले हुए इस घटनाक्रम के बाद गौरीगंज नगर पालिका में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। उधर, घटना के बाद भाजपा समर्थक इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।

पुलिस के खिलाफ धरना दे रहे थे विधायक

मिली जानकारी के मुताबिक, सपा विधायक राकेश कुमार सिंह मंगलवार शाम पुलिस के खिलाफ धरना दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कई दिनों से उनके समर्थकों को पीटा जा रहा है, उनकी गाड़ियां तोड़ी जा रही हैं, लेकिन पुलिस इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

गाली देने के बाद बढ़ा विवाद

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह दूसरे दिन बुधवार को भी गौरीगंज थाने पहुंचकर धरना दे रहे थे। इसी बीच भाजपा निकाय चुनाव की प्रत्याशी रश्मि सिंह के पति और भाजपा नेता दीपक सिंह थाने पहुंच गए। थाने पहुंचते ही उन्होंने गाली दी, जिसके बाद सपा विधायक काफी उग्र हो गए और उन्होंने दीपक सिंह की पिटाई शुरू कर दी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

तनावपूर्ण हुए हालात

मामला बढ़ता देख बीच ने बीच बचाव किया और भाजपा नेता दीपक सिंह को निकाल कर दूर किया। वीडियो में बाद में दीपक सिंह वहां से जाते दिखाई दिए। इसके बाद स्थिति अमेठी की कप्तान कई थानों की पुलिस लेकर गौरीगंज कोतवाली पहुंच गईं और मामले को फिलहाल शांत कराया। हालांकि, बताया जा रहा है कि गौरीगंज में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और दोनों पक्ष मुकदम को लेकर अड़े हुए हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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