उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में सरकारी व निजी भूमि पर अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करते हुए पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों मदरसों, मस्जिदों, मजारों और ईदगाह को चिह्नित कर उन्हें सील करने और ढहाने की कार्रवाई की है। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अवैध कब्जों और बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई रविवार को भी जारी रही।
बयान के अनुसार, प्रदेश के पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों में प्रशासन द्वारा अवैध धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर उन पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी का साफ निर्देश है कि किसी भी धर्म के नाम पर भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। बयान के मुताबिक, श्रावस्ती में 10 व 11 मई को सार्वजनिक और निजी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित 104 मदरसों, एक मस्जिद, पांच मजारों और दो ईदगाहों को चिह्नित किया गया।
अवैध धार्मिक स्थलों पर नोटिस जारी
जानकारी के मुताबिक, सरकारी बयान के अनुसार, सार्वजनिक भूमि पर बने अवैध मदरसों और मस्जिदों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एक अवैध मदरसा को गिरा दिया गया, जबकि निजी भूमि पर बने दो गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया गया। इसके अलावा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर और पीलीभीत जिलों में सार्वजनिक भूमि पर बनी अवैध मस्जिदों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया गया है। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
