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3 जिलों को मिलेगी रफ्तार, कनेक्ट होंगे लखनऊ-बाराबंकी-सीतापुर; बनने जा रहा 69 KM लंबा हाईवे

Lucknow Sitapur Highway: नवाबों की नगर लखनऊ और लोधेश्वर की नगर बाराबंकी एवम् नैमिषारण्य की भूमि व पंच धाम की नगरी कहे जाने वाले सीतापुर के बीच बेहतर कनेक्टिविटि के लिए 69 किलोमीटर लंबे 4 लेन हाईवे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे परियोजना के विकसित होने से 3 जिलों के 16 गावों और बहराइच तक अन्य हाईवे से जुड़ने पर कई मुख्य कस्बों को सीधा फायदा होगा।

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लखनऊ-बाराबंकी-सीतापुर हाईवे के गांव

Lucknow Sitapur 4 Lane Highway Route Map : उत्तर प्रदेश में सड़क यातायात को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हाईवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य (15 एक्सप्रेसवे) होने के साथ प्रदेश में नए हाईवे बनाने की कवायत तेज हो गई है। कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है तो कई प्रस्तावित हैं। इनमें से कईयों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू है, जो संबंधित किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। इनमें से ही एक है लखनऊ-बाराबंकी-सीतापुर राजमार्ग। इस सड़क मार्ग के विकसित होने से संबंधित जिलों के वाहन चालकों के साथ अन्य मार्गों से कनेक्टिविटी करना आसान होगा। खासकर, राजधानी आवागमन करने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। आइये जानते हैं इसके रूट में कौन से गांव पड़ेंगे और जमीन खरीद के बदले कितना मुआवजा निर्धारित किया गया है?

राजधानी लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर को जोड़ने वाले इस नए 4 लेन हाईवे मार्ग तीनों जिलों को बड़ा लाभ होगा। यह 69 किलोमीटर लंबा मार्ग चिनहट (लखनऊ) से शुरू होकर उधर बाराबंकी तक सफर आसान करेगा। फिलहाल इस राजमार्ग के लिए मंजूरी मिल गई है। लखनऊ के कुर्सी रोड और अयोध्या लखनऊ किसान पथ मार्ग के सीतापुर व लखीमपुर खीरी और बहराइच तक यातायात दबाव को कम करने में मददगार साबित होगा।

लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर हाईवे जमीन अधिग्रहण

लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर तक विकसित होने वाले इस हाईवे मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 660 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसमें से जमीन मालिकों को बतौर मुआवजा बड़ी रकम दी जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक समृद्धि होगी। इस परियोजना के जरिए औद्योगिक क्षेत्र, देवा और तहसील फतेहपुर को जोड़ते हुए घाघरा के तटवर्ती भाग महमूदाबाद सीतापुर तक जाना काफी सुगम हो जाएगा। प्रस्तावि हाईवे नेशनल हाईवे-727 से चहलारी घाट बहराइच से कनेक्ट होगा। इस रूट की डीपीआर में तीन बाईपास के साथ 7 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।

लखनऊ-सीतापुर हाईवे (Istock)

लखनऊ-सीतापुर हाईवे (Istock)

देवा से फतेहपुर तक फोरलेन निर्माण को जल्द पूरा करने पर जोर है। संबंधित खंड में लगभग 20 किलो मीटर में 660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डीपीआर के अनुसार देवा से चलकर मार्ग सलारपुर, विशुनपुर, इसरौली, बसारा और रसूलपुर पनाह औद्योगिक क्षेत्र से गुजरते हुए फतेहपुर तक पहुंचेगा। 16 गांव फोरलेन से जुड़ जाएंगे। किसानों की 85 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। दो हजार से अधिक किसानों को मुआवजा प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

परियोजना परियोजना विवरण
परियोजनालखनऊ, बाराबंकी-सीतापुर
लखनऊ, बाराबंकी-सीतापुर हाईवे660 करोड़ रुपये
लखनऊ, बाराबंकी-सीतापुर हाईवे लेन संख्या4
हाईवे की शुरुआती बिंदुचिनहट (लखनऊ)
हाईवे का आखिरी बिंदुएनएच-27 चहलारी घाट (बहराइच)
लखनऊ, बाराबंकी-सीतापुर हाईवे पर पुल4
निर्माणकर्ता एजेंसीएनएचएआई
परियोजना पूरा होने की तिथिनिर्धारित नहीं

किन कस्बों को होगा फायदा

कुर्सी, बेहडपुरना, मित्तई, खेवली, भिटौली, देवा, सिपहिया, गोपलपुर, गुरगुज, बेलहा, करौंदा, ग्वारी, खेवली, शाहपुर, गौरिया, मैनाहार, कैथी, सरैय्या, सरकौन बरेठी, तिन्दोला, दुन्दपुरवा, नगर, खजूरगांव, भडरिया, रानीगंज, पहाड़पुर, हडौरी, बस्ती और माती समेत आसपास के कस्बों को सहूलियत होगी।

प्रोजेक्ट के तहत तीन नगरों के लिए बाइपास निर्धारित किए गए हैं। विशुनपुर में दो किलोमीटर और फतेहपुर में करीब तीन किमी. बाइपास रेलवे क्रासिंग और बाजार के आसपास लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक, कल्याणी नदी और शारदा सहायक नहर पर चार नए पुल बनाए जाने हैं। जमीन अधिग्रहण और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही परियोजना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

यह 69 किलोमीटर हाईवे राजधानी लखनऊ तक अन्य मार्गों पर बढ़ते यातायात बोझ को कम करने के लिहाज से काफी अहम होगा। यह किसान मार्ग पथ से जुड़कर लखनऊ से सीधा संपर्क स्थापित करेगा। साथ ही राजधानी समेत आसपास के जिलों के लिए वैकल्पिक रूट के तौर पर काफी कारगर साबित होगा और अक्सर लगने वाली वाहनों की लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा, जिससे लोगों कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

सीतापुर-बाराबंकी-लखनऊ हाईवे

सीतापुर-बाराबंकी-लखनऊ हाईवे

देवा बाइपास के निर्माण को मंजूरी

वहीं, चिनहट से देवा और कुर्सी को जोड़ने वाला मार्ग भी फोरलेन में कनवर्ट किया जाएगा। यह मार्ग किसान पथ से जुड़कर लखनऊ से सीधा कनेक्टिविटी देगा। 27 किलोमीटर लंबे इस खंड के चौड़ीकरण एवं मरम्मतीकरण कार्य की लागत 468.48 करोड़ रुपये तय की गई है। यहां देवा बाइपास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। वहीं, देवा से फतेहपुर तक 20 किलोमीटर और सीतापुर से महमूदाबाद 22 किलोमीटर तक फोरलेन निर्मित किया जाएगा।

यह कॉरिडोर तीनों जिलों के बीच आर्थिक विकास का जरिए बनेगा। खासकर, लखनऊ में सरकारी कार्य, बाराबंकी में कृषि व्यापार और सीतापुर की ओर औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इस हाईवे के खुलने से संबंधिक जिलों के रूट के आसपास लोगों के लिए नए रोजगार के साधन बनेंगे, जिनमें होटल, रेस्टोरेंट, वाहन की मरम्मत संबंधी दुकानों के अलावा औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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