पठानकोट : अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबार पर पड़ने लगा है। गैस की कमी को लेकर होटल मालिकों और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच पंजाब के पठानकोट में इस मुद्दे को लेकर होटल मालिकों ने एक बैठक भी की।
बैठक में कारोबारियों ने कहा कि यदि जल्द ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो होटल उद्योग को गंभीर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उनका कहना है कि गैस की कमी का असर सिर्फ होटल कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे इस इंडस्ट्री से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित
रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का कहना है कि उन्हें समय पर कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कई स्थानों पर सप्लाई में देरी हो रही है, जिसके कारण खाना बनाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक वैकल्पिक इंतजाम करने को मजबूर हो गए हैं।
गैस की किल्लत के चलते कुछ होटल मालिक अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं ताकि ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी है और इससे लागत भी बढ़ रही है। होटल कारोबारियों का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो कई छोटे होटल और ढाबे अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत भी आ सकती है।
फूड इंडस्ट्री को बड़ा झटका
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने केंद्र सरकार से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि फूड इंडस्ट्री 24 घंटे चलने वाला क्षेत्र है और गैस की कमी से न केवल कारोबार प्रभावित होगा बल्कि लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। साथ ही आम लोगों को मिलने वाला भोजन भी प्रभावित हो सकता है। होटल कारोबारियों का कहना है कि अगर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका व्यापक असर फूड इंडस्ट्री और उससे जुड़े रोजगार पर देखने को मिल सकता है।
