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Latur News: जानें क्यों नगर पालिका दफ्तर में कुत्ते छोड़ने की बात कर रहे लोग

लातूर जिले के उदयगीर शहर में मंगलवार को आवारा कुत्तों ने सिर्फ एक दिन में ही 35 लोगों पर हमला कर दिया। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान प्रमुख संजय कुमार कांबळे ने नगर पालिका प्रशासन चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शहर के सभी आवारा और बेवारस कुत्तों का तुरंत बंदोबस्त नहीं किया गया, तो नगर पालिका के मुख्याधिकारी कार्यालय में कुत्ते छोड़े जाएंगे।

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लातूर में कुत्तों का आतंक

Latur News: महाराष्ट्र के लातूर में एक बार फिर आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला। जहां महज एक ही दिन में कुत्तों ने 35 लोगों पर हमला कर दिया। घायलों में स्कूली बच्चे, दुकानदार, राहगीर और एक महिला डॉक्टर भी शामिल हैं। जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोग प्रशासन से इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

2 साल के बच्चे पर भी हमला

जानकारी के अनुसार, यह घटना 23 दिसंबर की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच उदगीर शहर में हुआ। जहां आवारा कुत्तों ने अलग-अलग इलाकों में 25 लोगों को काट लिया। शाम 7 से 8 बजे के बीच चौबार और किल्ला गली इलाके में कुत्तों ने 10 और लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान एक कु्त्ते ने 2 साल के बच्चे पर हमला किया और उसके होंठ का हिस्सा नोच लिया। लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। नागरिकों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।

एक्शन नहीं लिया तो छोड़े जाएंगे कुत्ते

इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान प्रमुख संजय कुमार कांबळे ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उदगीर शहर के सभी आवारा और बेवारस कुत्तों का तुरंत बंदोबस्त नहीं किया गया, तो आंदोलन के तहत नगर पालिका के मुख्याधिकारी कार्यालय में कुत्तों को छोड़ा जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या पर समय रहते कार्रवाई करेगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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