Lalu Yadav and Rabri Devi Security Cut: बिहार की राजनीति में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के आरोपों के बीच पटना से एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। 10 सर्कुलर रोड (राबड़ी देवी के आवास) से दोनों नेताओं के सामान के बैग नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर ले जाए जा रहे हैं।
सामान की इस शिफ्टिंग ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बुधवार को लालू यादव ने इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी सुरक्षा श्रेणी (सिक्योरिटी कैटेगरी) को घटा दिया है।
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बिहार पुलिस ने दी सफाई
लालू यादव के आरोपों के तुरंत बाद बिहार पुलिस (Bihar Police) एक्शन में आई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की गई है। उन्हें नियमों और तय मानकों के अनुसार पूरी सुरक्षा दी जा रही है।
सुरक्षा का आधार
पुलिस ने साफ किया कि किसी भी वीआईपी को सुरक्षा देना या न देना उसकी पात्रता और सुरक्षा मूल्यांकन (थ्रेट परसेप्शन) पर निर्भर करता है। यह पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत होती है, न कि किसी राजनीतिक भेदभाव के तहत।
किसे क्या मिली है सुरक्षा?
बिहार पुलिस ने दोनों नेताओं को मिली सुरक्षा का पूरा ब्योरा भी जनता के सामने रखा है:
लालू प्रसाद यादव: 'विशेष सुरक्षा दल (SSG) अधिनियम, 2010' के तहत उन्हें अंगरक्षक (बॉडीगार्ड), आवास गार्ड, एस्कॉर्ट गार्ड, पायलट वाहन और बीआर कार दी गई है। साथ ही सादे कपड़ों में विशेष शाखा के जवान भी तैनात हैं।
राबड़ी देवी: पूर्व सीएम होने के नाते उन्हें भी अंगरक्षक, आवास गार्ड, एस्कॉर्ट गार्ड, पायलट गाड़ी और बीआर कार की पूरी सुविधा मिली हुई है।
पुलिस का कहना है कि नियमों के मुताबिक जितनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, उतनी दोनों नेताओं के पास मौजूद है। हालांकि, सामान की इस शिफ्टिंग को देखकर ऐसा लगता है कि राजद इस मुद्दे को आसानी से शांत नहीं होने देगी।
