Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 24 जुलाई को आयोजित एक छात्र रैली के दौरान हुई हिंसा और पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोलकाता पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उपद्रवी हैं और इनमें से कोई भी छात्र नहीं है।
CJP रैली में की थी तोड़फोड़, भागने की फिराक में थे आरोपी
एडिशनल सीपी कुणाल अग्रवाल के अनुसार, "हिंसा और पत्रकारों पर हमले के सिलसिले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कोई भी छात्र नहीं है। वे सभी असामाजिक तत्व हैं जो CJP रैली में मौजूद थे और तोड़फोड़ में शामिल थे।" पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों की पहचान इरफान खुरशेद (30), अरशद अली उर्फ साजिद (50), मो. मोइनुद्दीन (26), मो. आलमगीर उर्फ राजू (48), इमरान अहमद उर्फ गोपी (19), खालिद रजा उर्फ रिंकू (47), ज़मीर अहमद उर्फ मिंकू (42), मोहसिन खान (30) और दीपक भौमिक उर्फ विक्की (38) के रूप में हुई है। इसके अलावा, दो अन्य आरोपी मो. आजाद और मो. अफरोज पश्चिम बंगाल से भागने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर अंदाल के पास घेराबंदी कर दबोच लिया।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस कर्मियों और पत्रकारों पर हुए इस "बर्बर हमले" की कड़े शब्दों में निंदा की। मुख्यमंत्री ने कोलकाता के SSKM अस्पताल पहुंचकर भर्ती घायल पत्रकारों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना।
नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन के दौरान भड़की थी हिंसा
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। इसी दौरान ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) और CJP से जुड़े प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों पर बोतलें व पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
