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आजम खान की मुश्किलें और बढ़ीं, एक और FIR दर्ज; हज कमेटी की जमीन बेचने का आरोप

लखनऊ में हज कमेटी की करीब 60 हजार वर्गफुट जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सतर्कता विभाग की जांच में नियमों को दरकिनार कर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने और हज कमेटी को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप सामने आया है। मामले में धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

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लखनऊ में हज कमेटी की जमीन में कथित गड़बड़ी, आजम खान समेत पांच के खिलाफ एफआईआर। PTI

Photo : PTI

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हज कमेटी की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला करीब 60 हजार वर्गफुट हज कमेटी की जमीन की बिक्री से जुड़ा है। सतर्कता विभाग की जांच में जमीन की बिक्री में नियमों को दरकिनार कर एक निजी कंपनी को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।

इस मामले में हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन आजम खान और दो पूर्व सचिव सतर्कता विभाग के निशाने पर हैं। इसके अलावा एमिश डेवलपर्स के मालिक और दो अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आजम खान के साथ ही हज कमेटी के तत्कालीन सचिव लईक अहमद, डॉक्टर एमएए खान, अमीश डेवलपर्स के मालिक मोहम्मद अयूब और मुस्तकीम अहमद पर भी FIR दर्ज हुई है।

प्राइवेट कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप

सतर्कता विभाग की जांच के मुताबिक, हज कमेटी की जमीन की बिक्री के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का कथित तौर पर पालन नहीं किया गया। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर निजी फर्म को फायदा पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया के चलते हज कमेटी को करीब 2 करोड़ 8 लाख 95 हजार रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

एफआईआर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के लखनऊ सेक्टर थाने में दर्ज हुई है. एफआईआर नंबर 0018 है और यह 8 सितंबर को दोपहर करीब पौने तीन बजे दर्ज की गई। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 12, 13(1)(बी) और 13(2) लगाई गई हैं। यानी धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप इस केस में शामिल हैं।

धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस

मामले में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सतर्कता विभाग ने जांच तेज कर दी है। अब जांच एजेंसी जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों, फैसलों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

सतर्कता विभाग यह भी जांच कर रहा है कि जमीन की बिक्री की प्रक्रिया में किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ और इससे निजी फर्म को कथित तौर पर कैसे लाभ मिला। मामले में आगे जांच के आधार पर अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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