Kedarnath Helicopter Services: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ धाम यात्रा 2026 (Kedarnath Yatra 2026)को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के साथ ही हेलीकॉप्टर सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। ये सेवाएं गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से संचालित की जाएंगी। प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम बदलाव किए हैं। खास तौर पर हेलीकॉप्टर सेवाओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
8 हेलीकॉप्टर कंपनियों को मिली अनुमति
हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने इस साल कुल आठ हेलीकॉप्टर कंपनियों को संचालन की अनुमति दी है। अनियंत्रित उड़ानों को रोकने के लिए इस बार शटल सेवाओं की संख्या सीमित कर दी गई है, जिससे सभी कंपनियां तय संख्या में ही उड़ान भर सकेंगी।
केदारनाथ और सोनप्रयाग में बनेंगे कंट्रोल रूम
हवाई यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए केदारनाथ और सोनप्रयाग में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के अधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। ये अधिकारी हेलीकॉप्टर पायलटों को रियल-टाइम अपडेट और मौसम की जानकारी देंगे, जिससे उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। UCADA हेलीकॉप्टर कंपनियों पर भी बारीकी से नजर रखेगा ताकि वे सभी सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन करें। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से कितनी शटल सेवा मिलेगी
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, जिला पर्यटन एवं हेली सेवा नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि गुप्तकाशी और फाटा से 24-24 शटल उड़ाने संचालित होंगी। वहीं सिरसी से 32 उड़ानों की अनुमति दी गई है। इस साल हेलीकॉप्टर सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियंत्रित रखने पर खास ध्यान दिया गया है।
केदारनाथ में 24 घंटे मिलेगा गर्म पानी
इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घोषणा की है कि इस बार केदारनाथ धाम में 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा बायोमास पेलेट्स से चलने वाले गीजर के जरिए मिलेगी, जो चीड़ की पत्तियों (पिरुल) और खच्चरों के गोबर से तैयार किए जाएंगे। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे पूरे विधि-विधान और परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
