UP Roadways QR code Payment: रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक गुड न्यूज है। अब यात्रियों को टिकट के पीछे लिखे जाने वाले रुपये भूल जाना और खुले पैसे के लिए दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। रोडवेज प्रबंधन ने इन परेशानियों को दूर करने के लिए कानपुर रीजन में क्यूआर कोड के साथ टिकट वाली मशीन परिचालकों को दे दी है। अब यात्री इन मशीनों के जरिए किराये की राशि डिजिटल यूपीआई के जरिए भुगतान कर पाएंगे। आपको बता दें कि कानपुर रीजन में बचे रुपये लिए बगैर रोडवेज बस से उतरने की औसतन आठ शिकायतें प्रतिदिन दर्ज हो रही थीं। ज्यादातर मामलों में यात्री को न तो बस का नंबर मालूम होता था और न ही डिपो की जानकारी होती थी।
इस कारण दर्ज होने वाली शिकायतों के बावजूद यात्री की समस्या का समाधान नहीं होता था। आपको बता दें कि कानपुर रीजन में जनवरी 2022 से 30 नवंबर तक मिली कुल शिकायतों में से मात्र 16 यात्रियों का ही रुपये मिल पाए है।
ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई सुविधा
अब रोडवेज की बसों से सफर करने वाले यात्री टिकट का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। परिवहन निगम ने सभी बसों में ऑन लाइन भुगतान के लिए यूपीआई क्यूआर कोड की सुविधा मुहैया करा दी है। ऑनलाइन भुगतान से अब यात्रियों को सफर के दौरान टिकट की कीमत चुकाने की सभी परेशानियों से राहत मिल सकेगी। वहीं, फुटकर पैसे वापस करने में परिचालकों की मनमानी की घटनाओं पर भी रोक लगेगी।ऐसे काम करेगी मशीन
रोडवेज बसों के कंडक्टरों को दी गई मशीन में जैसे ही कोई यात्री टिकट के लिए बोलेगा। इसके बाद बस परिचालक टिकट मशीन में रूट वाला बटन दबाएगा। साथ ही गंतव्य जगह का कोड अंकित करेगा। इतना करते ही किराया स्क्रीन पर दिखने लगेगा। दो सेकेंड बाद ही मशीन में क्यूआर कोड आएगा। यात्री क्यूआर कोड को स्कैन कर उतनी राशि का भुगतान करेगा, जितनी राशि किराए में दिखाई दे रही है। कानपुर रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार ने कहा कि आधुनिक टिकट मशीन से पारदर्शिता आएगी। कई बार कंडक्टर कह देते थे कि यात्री ने टिकट नहीं लिया और न ही पैसा दिया। इसके अलावा राशि लौटाने की समस्या डिजिटल भुगतान करने से खत्म हो जाएगी।ये है गणित
कानपुर रीजन में कुल बसें- 545एसी बसों की संख्या -60
जनरल बसों की संख्या - 485
कंडक्टर्स की संख्या- 585 (रीजन को इतनी मशीनें मिलीं)
