कानपुर

दो महीने पहले लिए सात फेरे, अब एशान्या का साथ छोड़ पंचतत्वों में विलीन हुए शुभम; पीछे छोड़ गए पहलगाम हमले के गहरे जख्म

Pahalgam Terrorist Attack: पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले कानपुर के शुभम द्विवेदी का आज सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका पार्थिव शरीर बुधवार देर रात को कानपुर लाया गया। शुभम की पत्नी ने गुरुवार सुबह मीडिया के सामने इस दुखद घटना के बारे में बताया।

Image

शुभम का अंतिम संस्कार हुआ

Pahalgam Terrorist Attack Victim Shubham Dwivedi Funeral: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर निवासी व्यवसायी शुभम द्विवेदी का गुरुवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शुभम का शव बुधवार देर रात कानपुर लाया गया और आज सुबह करीब 8.45 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उन्हें सलामी गारद भी दी गई। इस दौरान, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राकेश सचान, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय तथा कई वरिष्ठ पदाधिकारी समेत हजारों लोग मौजूद थे। शुभम के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए उनके पैतृक गांव हाथीपुर ले जाया गया।

शुभम की पत्नी ने सुनाई आप बीती

मीडियाकर्मियों के सामने शुभम की पत्नी एशान्या ने दुखद घटना का जिक्र किया और कहा कि आतंकवादियों ने पूछा था कि वे हिंदू हैं या मुसलमान और अगर वे मुस्लिम हैं तो कलमा पढ़ें। जैसे ही उन्होंने बताया कि वह हिंदू हैं, उन्होंने शुभम को गोली मार दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आज पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की।

12 फरवरी को हुई शुभम की शादी

शुभम द्विवेदी की शादी दो महीने पहले ही 12 फरवरी को हुई थी। एक ट्रेडिंग कंपनी चलाने वाले शुभम 16 अप्रैल को अपनी पत्नी और परिवार के नौ अन्य सदस्यों के साथ एक सप्ताह की छुट्टी पर कश्मीर गए थे। शुभम पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों में शामिल हैं। यह हमला कश्मीर में आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए सबसे भीषण हमलों में से एक है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article