IIT Kanpur: खदानों से निकलने वाले हीरे के जैसे ही अब लैब में तैयार हीरा भी चमक अपनी बिखेरेगा। यह हीरा आईआईटी कानपुर की लैब में तैयार किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर में इसके लिए जल्द एक लैब स्थापित की जा सकती है। लैब में देश अपना लैब ग्रोन डायमंड (प्रयोगशाला में बना हीरा) बनाने की तकनीक विकसित करेगा। याद रहे कि भारत अभी तक हीरा का आयात करता है, जिससे यह काफी महंगा मिलता है। भारत में लैब ग्रोन डायमंड तकनीक विकसित होने के बाद आम आदमी भी डायमंड लेने का सपना संजो सकता है।
दरअसल, अमृत काल के पहले बजट के बाद सबसे ज्यादा चर्चा लैब में निर्मित हीरे को लेकर हुई है। लैब ग्रोन डायमंड पर कई देश काम कर रहे हैं। भारत भी इस क्षेत्र में पिछड़ना नहीं चाहता। ऐसे में अगले पांच वर्षों में लैब ग्रोन डायमंड की तकनीक तैयार करने के लिए आईआईटी को रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम सौंपा गया है। हालांकि बजट में इसका खुलासा नहीं हुआ कि यह जिम्मेदारी किस आईआईटी को दी जा रही है।
