कानपुर

Navratri 2023: कानपुर के चमत्कारी दुर्गा मंदिर, 1700 साल पुराने इस मंदिर में 12 देवियां करती है इच्छा पूरी

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 11, 2023, 07:32 AM IST

Navratri 2023 Durga Mandir in Kanpur: चैत्र नवरात्रि का महापर्व 22 मार्च 2023 से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह त्यौहार 30 मार्च तक चलेगा। इन नौ दिनों तक मंदिरों और घरों में देवी माँ की अनवरत पूजा अर्चना होगी। कानपुर में मां दुर्गा के कई प्रमुख मंदिर हैं जहां नवरात्रि पर विशेष पूजा होती है।

Image

Navratri 2023: कानपुर के चमत्कारी दुर्गा मंदिर, 1700 साल पुराने इस मंदिर में 12 देवियां करती है इच्छा पूरी

Navratri 2023 Durga Mandir in Kanpur: नवरात्रि के ये 9 दिन देवी की उपासना के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए पुराणों में देवी माँ की पूजा अर्चना के कुछ नियम बताए हैं जिनका पालन करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस नवरात्रि के पावन अवसर पर हम जानेंगे कानपुर में स्थित ‘आदि-शक्ति स्वरूपा माँ जगदंबा’ के 5 रूपों के बारे में जहां जाने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस नव-रात्रि आप भी यहां जाकर दर्शन कर अपनी सारी मुरादों को पूरा कर सकते हैं।

बारा देवी मंदिर

कानपुर के दक्षिण में स्थित है बारा देवी मंदिर। इस मंदिर की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कानपुर के इस इलाके का नाम ही बारा देवी है। इस मंदिर में आने वाले लोग अपनी मनोकामना को लेकर एक चुनरी बांधते हैं और मनोकामना के पूरा हो जाने पर चुनरी को खोलने जाना होता है, और ये परंपरा सदियों से लगातार चली आ रही है। नवरात्रों में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।

तपेश्वरी देवी मंदिर

बिरहना रोड़ पर स्थित है तपेश्वरी देवी मंदिर। इस मंदिर के विषय में चर्चा है की इस मंदिर में माता सीता ने तप किया था। ऐसी मान्यता है कि लव-कुश के जन्म के बाद माता सीता ने उनका मुंडन संस्कार यहीं कराया और इसके बाद लव-कुश को महर्षि वाल्मीकि को सौंपकर सीता माता ने इसी मंदिर में तप किया था, जिस कारण इस मंदिर का नाम तपेश्वरी देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

जंगली देवी मंदिर

कानपुर के इस प्रसिद्ध मंदिर में वर्ष भर भक्तों का तांता लगा रहता है। पर नवरात्र में यहाँ की महिमा और भी बढ़ जाती है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भी भक्त इस मंदिर में ईंट रखकर मन्नत मांगता है उसकी सारी मन्नत पूरी होती है। आप अपना घर बनाने की इच्छा लेकर इस मंदिर में जाना चाहते हैं तो प्रतिमा के पीछे बनी नाली में एक ईंट रख दें मकान निर्माण के काम के तेजी आयेगी और जल्दी घर का काम निपट जाएगा।

उजियारी देवी मंदिर

कानपुर के नवाब गंज में स्थित है मां उजियारी देवी मंदिर। यहां देवी के रूप में शीतला माता विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी महंत रजनीश शुक्ल बताते हैं कि माता के चरणों में चढ़ाया गया जल चेचक और त्वचा रोगों पर लगाने से समस्या में आराम मिलता है। नवरात्र के समय इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रहती है भक्तों का मानना है कि मां उजियारी देवी सभी मनोकामना को पूरा करती है।

कुष्मांडा माता मंदिर

कानपुर के घाटमपुर इलाके में स्थित है कुष्मांडा माता का बेहद प्राचीन मंदिर। मान्यता है कि किसी समय यहां एक ग्वाला अपनी गायों को लेकर यहां चराने आता था एक गाय जैसे ही उस स्थान पर आती उसके थनों से दूध स्वयं निकलने लगता था। जब उस जगह की खुदाई की तो वहां से कुष्मांडा माता की प्राचीन प्रतिमा निकली। नवरात्रों में चतुर्थी तिथि को प्रतिमा का अनावरण हुआ था जिस कारण नवरात्रि की चतुर्थी तिथि को यहां भक्तों की भारी भीड़ रहती है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article