कानपुर

Kanpur: कानपुर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर, अब सबस्टेशन होंगे स्मार्ट, तुरंत ठीक होगा फाल्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 12, 2023, 11:51 PM IST

Kanpur Power Substation: कानपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिजली व्यवस्था को भी स्मार्ट बनाने का काम चल रहा है। कानपुर में प्रदेश का पहला एडवांस डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम बनकर लगभग तैयार हो गया है। इससे कानपुर के सबस्टेशन स्मार्ट हो जाएंगे। सब स्टेशन स्काडा सिस्टम से जुड़ने के बाद बिजली की आपूर्ति, खपत, बिजली का लोड समेत अन्य ब्योरा यहीं मौजूद रहेगा।

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कानपुर में यूपी का पहला मैनेजमेंट सिस्टम तैयार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • कानपुर के बिजली सबस्टेशन अब होंगे स्मार्ट
  • कानपुर में 64 करोड़ रुपये से यूपी का पहला मैनेजमेंट सिस्टम तैयार
  • स्मार्ट तरीके से किया जा जाएगा सबस्टेशनों का संचालन


Kanpur Power Substation: कानपुर बिजली वितरण प्रबंधन अब बेहतर और स्मार्ट होगा। इलेक्ट्रिसिटी स्काडा के तहत केसा कॉलोनी में यूपी का पहला एडवांस डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम यानि एडीएमएस बनकर तैयार हो गया है। इसके बनने से सबस्टेशनों का संचालन स्मार्ट तरीके से किया जा जाएगा। कमिश्नर डा. राजशेखर ने सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति की जानकारी ली। कंट्रोल रूम बनने के बाद 10 सब स्टेशन और स्काडा सिस्टम से जोड़ा जाएगा। स्काडा सिस्टम से जुड़ने के बाद बिजली की आपूर्ति, खपत, बिजली का लोड समेत अन्य ब्योरा यहीं मौजूद रहेगा।

आयुक्त डा. राजशेखर ने बताया कि यह यूपी की बिजली परिचालन ऑटोमेशन की पहली परियोजना है। इससे बिजली वितरण व्यवस्था हाईटेक हो जाएगी। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव को भी इससे रोका जा सकेगा। इसके अलावा जीआईएस एकीकरण का इस्तेमाल कर प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

परियोजना का 95 फीसदी काम पूरा

आपको बता दें कि परियोजना की लागत तकरीबन 64 करोड़ रुपये है। 44 करोड़ स्मार्ट सिटी की तरफ से और 20 करोड़ केस्को ने दिए हैं। आईआईटी कानपुर को विद्युत स्काडा परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मुख्य सलाहकार बनाया गया है। परियोजना का करीब 95 फीसदी काम हो चुका है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिजली व्यवस्था को भी स्मार्ट बनाने का काम चल रहा है। यूपी में सबसे पहले कानपुर के 14 सबस्टेशनों को सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम से जोड़ कर मानवरहित बिजली आपूर्ति होगी। स्काडा सिस्टम से सबस्टेशनों को अत्याधुनिक और मानव रहित बनाने का काम किया जा रहा है। पहले चरण में चार सबस्टेशनों को कनेक्ट किया जाएगा।

फाल्ट ठीक होने में नहीं लगेगा टाइम

स्काडा सिस्टम के बाद कंट्रोल रूम से ही सबस्टेशनों को कंट्रोल किया जाएगा। कंट्रोल रूम में लगे मानिटर पर सबस्टेशनों से संबंधित सभी जानकारी होगी। फीडरों को बंद करने और शुरू करने की कमांड कंट्रोल रूम से ही होगी। फाल्ट होने की जानकारी कंट्रोल रूम के साथ संबंधित सबस्टेशन के अभियंताओं के पास पहुंच जाएगी। इससे फाल्ट ठीक होने में देर नहीं लगेगी। साथ ही यह जानकारी भी होगी कि किस फीडर पर कितना लोड है। आयुक्त ने बताया तक 24 जनवरी को काम की समीक्षा होगी।

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