कानपुर

दो मुट्ठी गेहूं से खरीदी आइसक्रीम, छोटी बहन ने दी शिकायत की धमकी तो 11 साल की मासूम ने की आत्महत्या

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 22, 2023, 09:05 AM IST

पुलिस ने घटना के बाद शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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डांट के डर से कानपुर में 11 साल की मासूम ने की आत्महत्या

Photo : iStock

Kanpur News: कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 11 साल की लड़की का शव उसके ही घर पर फंदे से लटका मिला है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक लड़की ने डांट के डर से आत्महत्या कर ली।

घटना भवानीपुर गांव की है। यहां मृतका अपने माता-पिता और नौ साल की छोटी बहन के साथ रहती थी। जानकारी के मुताबिक, जिस इलाके में लड़की रहती थी, वहां से एक आइसक्रीम वाला गुजर रहा था, जिसके बाद मृतका ने घर से दो मुट्ठी गेहूं के बदले आइसक्रीम ले ली। हालांकि, जब इसका पता उसकी छोटी बहन को लगा तो वह रोने लगी।

छोटी बहन ने दी शिकायत की धमकी

जानकारी के मुताबिक, मृतका की छोटी बहन ने भी आइसक्रीम की मांग की। हालांकि, तब तक आइसक्रीम वाला जा चुका था, जिस पर मृतका की छोटी बहन ने गेहूं के बदले आइसक्रीम खरीदने की शिकायत माता-पिता से करने की धमकी दी, जिससे वह डर गई और खुद को फांसी लगा ली। जिस समय यह घटना घटी, लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। दोनों खेत में काम करने के लिए गए हुए थे।

पुलिस ने शव कब्जे में लिया

एडीसीपी ब्रजेंद्र द्विवेदी ने बताया, मृतक लड़की ने दो मुट्ठी गेहूं बेचकर अपने लिए आइसक्रीम खरीदी थी। जब उसकी छोटी बहन ने यह देखा तो उसने शिकायत करने की धमकी दी, कथित तौर पर इसके बाद बड़ी बहन ने फांसी लगा ली। उन्होंने बताया, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया, इस मामले में लड़की के माता-पिता से गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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