कानपुर

Bikru Murder Case: कानपुर के बहुचर्चित 'बिकरू हत्याकांड' के आरोपी को जमानत देने से कोर्ट का इनकार

Bikru murder case: 10 जुलाई, 2020 को दूबे को उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर भागते समय गैंगस्टर विकास दूबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।इसके बाद गैंगस्टर के साथी बबलू को गिरफ्तार किया गया और वह 25 अगस्त, 2020 से जेल में है।

Image

प्रतीकात्क फोटो (istock)

Bikru Murder Case: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर के बिकरू हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दूबे के साथी बबलू उर्फ बल्लू मुसलमान उर्फ इस्लाम बेग की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।दो जुलाई, 2020 की रात घटी इस नृशंस घटना में विकास दूबे द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में देवेंद्र मिश्रा नाम के एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। यह घटना तब घटी थी जब पुलिस टीम ने विकास दूबे को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर दबिश दी थी।

बबलू की जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा, 'मैंने याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनी और चूंकि निचली अदालत में मुकदमा चल रहा है और आरोपों को संज्ञान में लेते हुए कारावास की अवधि को बहुत लंबा नही माना जा सकता। इसलिए जमानत की याचिका खारिज की जाती है।'

'याचिकाकर्ता करीब पांच साल से जेल में बंद है'

हालांकि, अदालत ने 29 जुलाई के अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि निचली अदालत में सुनवाई में एक वर्ष के भीतर उल्लेखनीय प्रगति नहीं होती है तो याचिकाकर्ता इस अदालत का रुख करने को स्वतंत्र है।सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता करीब पांच साल से जेल में बंद है और आज की तिथि तक सुनवाई पूरी नहीं हुई है।

' यह पुलिसकर्मियों के लिए खुली चुनौती थी कि...'

उन्होंने आगे कहा कि याचिकाकर्ता दूर दूर तक मुख्य आरोपी से नहीं जुड़ा था। इसके अलावा, अन्य आरोपियों को इस अदालत द्वारा पहले ही जमानत दी जा चुकी है। वहीं, सरकारी वकील ने आरोपों की प्रकृति और घटना के ढंग का हवाला देते हुए जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि यह पुलिसकर्मियों के लिए खुली चुनौती थी कि कैसे मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार करने की उनकी हिम्मत हुई।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

Kal Ka Mausam: मानसून फिर बढ़ाएगा मुश्किल, यूपी-बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बादल; जानें लेटेस्ट अलर्ट

Kal Ka Mausam: मानसून फिर बढ़ाएगा मुश्किल, यूपी-बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बादल; जानें लेटेस्ट अलर्ट

रोहिणी में दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह', 4 दिन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 161 चोरी के वाहन बरामद; 103 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

रोहिणी में दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह', 4 दिन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 161 चोरी के वाहन बरामद; 103 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

जयपुर हिंसा के बाद पहले स्कूल का ठिकाना बदला, अब नई बिल्डिंग का ऐलान; आशुतोष रांका ने CM का जताया आभार

जयपुर हिंसा के बाद पहले स्कूल का ठिकाना बदला, अब नई बिल्डिंग का ऐलान; आशुतोष रांका ने CM का जताया आभार

मराठी नहीं सीखी तो बढ़ेगी मुश्किल! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी समेत पैसेंजर वाहन चालकों पर सख्ती, भाषा टेस्ट में फेल 777 ड्राइवरों को मिला आखिरी मौका

मराठी नहीं सीखी तो बढ़ेगी मुश्किल! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी समेत पैसेंजर वाहन चालकों पर सख्ती, भाषा टेस्ट में फेल 777 ड्राइवरों को मिला आखिरी मौका

दिल्ली से दूसरे राज्यों में भेजे जाएंगे खतरनाक कैदी, लागू होगा कैदियों के अंतरराज्यीय स्थानांतरण का प्रावधान

दिल्ली से दूसरे राज्यों में भेजे जाएंगे खतरनाक कैदी, लागू होगा कैदियों के अंतरराज्यीय स्थानांतरण का प्रावधान