कल का मौसम 18 नवंबर 2025
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): देश के अधिकांश भागों में ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों की सर्द हवाओं ने उत्तर भारत समेत मध्य क्षेत्रों में शीतलहर को और भी तेज कर दिया है। वहीं, बात अगर दक्षिण राज्यों की करें तो यहां मानसून बीतने के बावजूद भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के हाल की बात करें तो, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और वर्धमान क्षेत्र के कुछ हिस्सों में शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर तक की स्थिति बनी रही। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड के कई क्षेत्रों में भी शीत लहर का प्रभाव देखा गया। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, मराठवाड़ा, वर्धमान और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे (-1.6°C से -3.0°C) रहा। तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी कम (-5.0°C से -3.1°C) दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में यह सामान्य से काफी नीचे (<-5.0°C) रहा। मौसम की बात करें तो असम और मेघालय में मध्यम कोहरे की स्थिति रही, जबकि नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिज़ोरम, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा छाया रहा।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इसके पास श्रीलंका पर कल बन गया निम्न दाब का क्षेत्र आज, 17 नवंबर 2025 को सुबह 08:30 बजे IST तक बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायुविकराती परिसंचरण ऊपरी ट्रोपोस्फियर स्तर तक फैला हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, 22 नवंबर 2025 के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बनने के बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ेगा और अगले 48 घंटों में और अधिक स्पष्ट रूप लेने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग (IMD) की हाल फिलहाल की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 और 19 नवंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है, जबकि 20 और 21 नवंबर को विभिन्न हिस्सों में शीत लहर का प्रभाव देखा जा सकता है। इसी दौरान, 18 से 20 नवंबर तक पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त, 18 और 19 नवंबर को छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना और मध्य महाराष्ट्र में, तथा 18 नवंबर को विदर्भ में शीत लहर का असर रहने की संभावना है। मौसम संबंधी अन्य घटनाओं में, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 20 से 22 नवंबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी वर्षा होने की संभावना है। अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों तथा मध्य, पूर्वी और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है। इसके बाद, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली में कल का मौसम ज्यादातर हिस्सों में बादलों से ढका रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा। अधिकतम तापमान लगभग 25–27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9–11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान कई इलाकों में सामान्य से काफी कम (-3.1 से -5.0 डिग्री सेल्सियस) और कुछ स्थानों पर अत्यधिक कम (-5.1 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे) रहेगा। वहीं, अधिकतम तापमान अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम (-1.6 से -3 डिग्री सेल्सियस) और कुछ जगहों पर काफी कम (-3.1 से -5 डिग्री सेल्सियस) रहेगा। हवा मुख्य रूप से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा से चलेगी। सुबह के समय हवा सामान्य रूप से शांत रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे गति बढ़कर 10 किमी/घंटा तक पहुंच जाएगी। दोपहर तक हवा उत्तर दिशा से चलकर 15 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेगी। दिल्ली में सोमवार सुबह तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिरकर 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पिछले तीन वर्षों में नवंबर का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। इससे पहले नवंबर में सबसे कम तापमान 29 नवंबर 2022 को 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। नवंबर 2023 में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री और 2024 में 9.5 डिग्री सेल्सियस तक गया था। स्काईमेट के मुताबिक, दिल्ली में बारिश होने के बाद पारा और गिरने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में इस समय हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है और क्षेत्र जहरीली धुंध की मोटी चादर में ढका हुआ नजर आ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 359 मापा गया। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास का स्तर भी 341 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के कई हिस्सों में हालात और भी चिंताजनक हैं। अलीपुर में AQI 386, आनंद विहार 383, बवाना 427, बुराड़ी 348, चांदनी चौक 383, द्वारका 356, ITO 394, जहांगीरपुरी 406, मुंडका 395 और रोहिणी में 404 दर्ज किया गया। राजधानी से सटे हुए एनसीआर क्षेत्रों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में AQI 360, नोएडा सेक्टर-62 में 319 और गुरुग्राम सेक्टर-51 में 257 रिकॉर्ड किया गया है।
उत्तर प्रदेश में अब ठंड का असर साफ दिखाई देने लगा है। धूप की गर्माहट कम हो गई है, वहीं सुबह का कोहरा और शाम की सर्द हवा लोगों को सिहरन महसूस करा रही है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते से प्रदेश में ठंड और तेज होगी, जिससे अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमानों में गिरावट आ सकती है। बीएचयू,वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, इस समय राज्य में कोई खास मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। फिलहाल हल्की, शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। अनुमान है कि अगले 3–4 दिनों के दौरान दिन के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर रात का तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में तापमान में फिर से उल्लेखनीय गिरावट की संभावना है।
बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। नवंबर का आधा महीना भी नहीं बीता है, लेकिन सर्दी ने लोगों को दिसंबर–जनवरी जैसा एहसास करवाना शुरू कर दिया है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन सुबह और शाम की तेज सर्द हवा लोगों को लगातार कंपकंपा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी तथा तापमान में और गिरावट संभव है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के लिए बिहार में शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री नीचे रहने का अनुमान है, जिससे शीतलहर की स्थिति बन सकती है। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने की आशंका है, जो यात्रियों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। दक्षिण बिहार के सीमावर्ती जिलों में ठंड का प्रभाव सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा और बक्सर जैसे जिलों में रात का तापमान एक अंक में पहुंच चुका है। कैमूर के अधौरा में तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय राज्य का सबसे कम तापमान रहा। सीमांचल क्षेत्र में तापमान थोड़ा अधिक है, फिर भी सुबह और शाम की ठिठुरन वहां भी लगातार बढ़ रही है।
राजस्थान में सर्दी ने अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। कुछ दिनों से स्थिर चल रहे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार की सुबह फतेहपुर सबसे ज्यादा ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 4.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह पूरे प्रदेश में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान था। इसके अलावा सीकर में 5.5, नागौर में 5.6, लूणकरनसर में 5.8 और दौसा में 6.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रेकॉर्ड किया गया। जालोर में पारा 7.4, करौली 7.6, सिरोही और अंता-बारां में 7.7, वनस्थली में 7.9, जबकि अलवर और चूरू दोनों जगह 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। डबोक का तापमान 8.5, भीलवाड़ा 8.6, झुंझुनूं व पिलानी 9.2 और अजमेर का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो दिन में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां दिन का तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। प्रदेश के अधिकतर इलाकों में दिन का पारा 26 से 31 डिग्री की रेंज में बना हुआ है।
उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी का असर अब पूरे मध्य प्रदेश में साफ़ दिखाई देने लगा है। पहाड़ों से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं ने प्रदेश के मौसम को अचानक ही काफी सख्त कर दिया है। नवंबर में ही लोगों को दिसंबर–जनवरी जैसी तेज ठंड का एहसास होने लगा है। राजधानी भोपाल और इंदौर दोनों जगह न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे निचला स्तर है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हालिया बर्फबारी के बाद उत्तर की दिशा से लगातार चल रही बर्फीली हवाएं सीधे मध्य प्रदेश की जलवायु को प्रभावित कर रही हैं। इसी कारण दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल रही है और कई क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि आगामी दिनों में सर्दी और तेज हो सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिसकी वजह से राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में तीव्र शीतलहर की स्थिति विकसित हो सकती है। इस बीच विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों के लिए शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, सतना, शहडोल, जबलपुर, मैहर, बैतूल, धार, देवास, शिवपुरी, रीवा, उमरिया, कटनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा और बालाघाट शामिल हैं।
सबसे तीव्र शीतलहर का असर पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और वर्धमान क्षेत्र के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। इन इलाकों में तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज हो रहा है।
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