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अगले 60 घंटे में बारिश का अलर्ट, 14 राज्यों में आंधी, बिजली, ओलावृष्टि से रहें सतर्क; गर्मी-लू पर रहेगा ब्रेक

आईएमडी ने बताया कि अगले कुछ घंटे पहाड़ों पर भी गरज-चमक के साथ बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा, जबकि समूचे उत्तर भारत में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रहेगी और कहीं-कहीं आंधी के साथ हल्की बारिश से गर्मी लू शांत रहेगी। स्काईमेट ने दक्षिण भारत में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर रहेगा और तेज तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है।

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मौसम आज-कल

उत्तर भारत में अगले 48 घंटों तक मौसम सुहावना रहेगा और 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में आंधी-बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और गर्मी-लू पर ब्रेक लगा रहेगा। वहीं, 11 मई से एक मजबूत विक्षोभ सक्रिय होगा और जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई हिस्सों पर आंधी, बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की संभावना बढ़ेगी। स्काईमेट ने पूर्वोत्तर के राज्यों में 70 की रफ्तार से तूफान आने और मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि, महाराष्ट्र और गुजरात में मौसम का आंशिक असर ही दिखाई देगा। दक्षिण भारत में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के संकेत के कारण आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के तटीय भागों पर भारी बारिश और तूफान आने का अलर्ट है। फिलहाल कई दिनों तक लू और गर्मी से राहत रहेगी।

दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली-एनसीआर में अपेक्षाकृत मौसम सुहावना बना हुआ है। दिनभर हल्की ठंडी हवाएं बहने से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है और पॉल्यूशन का स्तर भी कम हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 2 दिन आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रहेगी और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि, 10 मई के बाद एक बार फिर से मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी और कई हिस्सों पर आंधी के साथ तेज बारिश होगी। वीकेंड पर तापमान सामान्य से कम रहेगा, जिससे गर्मी से राहत रहेगी। इस दौरान अधिकतम पारा 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतन 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। लगातार मौसम में बदलाव से हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ है। सीपीसीबी की मानें तो एक्यूआई लेवल लुढ़ककर 100 के आसपास पहुंच गया है। सीपीसीबी के आंकड़ों पर नजर डालें तो 0 से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। कमोबेश ऐसा ही मौसम नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में रहने का अनुमान है।

यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा

उत्तर प्रदेश में मौसम सुहावना बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों पर आंधी-बारिश के कारण तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट देखी गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, अगले 2 दिन मौसमी गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है, लेकिन 11 मई से फिर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर बढ़ेगा, जिससे बादलों की आवाजाही शुरू होगी और तेज आंधी के साथ बारिश होगी। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और ओले गिरने का खतरा बना रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, चंदौली, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र और आजमगढ़ में आंधी-पानी का पूर्वानुमान है। वहीं, बुंदेलखंड समेत राज्य के मध्य भाग में भी मौसमी गतिविधियों से गर्मी और लू शांत रहेगी।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम का हाल

बिहार में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का बड़ा असर दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में तेज तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है। पटना मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार शाम पटना समेत कई जिलों में पानी बरसा और आंधी के झोंके से बड़ा नुकसान हुआ। अगले 72 घंटे के दौरान राज्य में प्री मानसून की गतिविधियों के कारण गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। इस दौरान 70 की रफ्तार से तूफान आ सकता है। खासकर, पटना, गया, भागलपुर, किशनगंज, अररिया, पश्चिमी चंपारण में लोगों को ठनका से अलर्ट किया गया है।

राजस्थान में लू का दौर शुरू

राजस्थान के कई जिलों में बारिश और आंधी की गतिविधियां थमने से एक बार फिर तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। जयपुर मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार को दिनभर लू जैसे हालात रहे। सबसे अधिक तापमान फलोदी में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में 44.6 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर में 44 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 43.4 डिग्री और जोधपुर में 42.9 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं, कोटा और बीकानेर में 42 डिग्री, भीलवाड़ा में 41.4 डिग्री और अजमेर में 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, जयपुर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। हालांकि, 10 मई के बाद फिर से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का आंशिक प्रभाव राज्य के कुछ हिस्सों पर रहेगा, जिससे आंधी के साथ बारिश से मौसम सुहावना हो सकता है।

हरियाणा में मौसम कैसा रहेगा

हरियाणा में अगले 2 दिन मौसम साफ रह सकता है, लेकिन आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही हो सकती है। लेकिन 10 और 11 मई को नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद राज्य के कई जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना है। 13 मई को मौसमी गतिविधियां और तेजी पकड़ सकती हैं, जिससे गर्मी पर पूरी तरह से ब्रेक लगा रहेगा। कमोबेश ऐसा ही मौसम पंजाब के अधिकांश भागों पर दिखाई देगा।

9 मई (शनिवार) का तापमान

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
दिल्ली24°C35°C
मुंंबई29°C33°C
चंडीगढ़23°C33°C
जयपुर26°C39°C
भोपाल27°C39°C
पटना33°C34°C
रांची20°C32°C
लखनऊ24°C35°C
बेंगलुरु22°C33°C
चेन्नई28°C32°C
कोलकाता24°C35°C
देहरादून20°C28°C
शिमला13°C21°C
कश्मीर6°C16°C

उत्तराखंड में बारिश होगी क्या

उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 2 दिन कम होगा, लेकिन 10 मई से एक बार फिर से इसमें तेजी आने से आंधी-बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि का खतरा बढ़ जाएगा। हालांकि, आईएमडी ने अगले कुछ घंटे तक बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, देहरादून समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी. की रफ्तार से बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लेकिन, पर्वतीय हिस्सों पर बर्फबारी से मौसम काफी ठंडा महसूस होगा। हालांकि, मैदानी भागों पर बादलों का आंशिक असर ही दिखाई देगा।

हिमाचल प्रदेश में मौसम कैसा है ?

हिमाचल प्रदेश में मौसम पूरी तरह बदला हुआ और पहाड़ों पर अच्छी खासी बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि से सर्दी का एहसास होने लगा है। शिमला मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटे के बाद फिर से पश्चिमी विक्षोभ का असर तेज होगा, जिससे मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, शिमला और चंबा में तेज अंधड़ चलने और झमाझम बारिश होने की संभावना है। 11 और 12 मई को लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर करीब 10 जिलों मौसम खराब होगा, जिससें शिमला, चंबा, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सिरमौर और सोलन में बारिश रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी। उधर, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर बादलों ने डेरा डाल रखा है। आईएमडी ने 10 मई से एक नये विक्षोभ की सक्रियता की बात कही है, जिसके बाद पहाड़ों समेत कुछ मैदानी हिस्सों पर बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में तूफानी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिनों तक मौसम खराब रहने के संकेत दिए हैं, जिससे तापमान सामान्य या उससे भी कम रहेगा। वीकेंड पर असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, मेघालय, पश्चिम बंगाल और झारखंड समेत कई अन्य राज्यों में मेघ गर्जन के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने और झमाझम बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान कई हिस्सों पर आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले कई दिनों तक तेज गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश

दक्षिण भारत में फिलहाल भीषण गर्मी और लू से राहत रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अधिकांश राज्यों में मन्नार की खाड़ी में बनने वाले संभावित दबाव और चक्रवाती परिसंचरण के कारण बन रहे निम्न दबाव के कारण मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की है। अगले सप्ताह तक लगातार तमिलनाडु, केरल, लक्ष्यद्वीप, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और कर्नाटक के कुछ आंतरिक व तटीय भागों पर तेज आंधी-तूफान आने और मूसलाधार बारिश होने के संकेत हैं। मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान कम रहेगा और हीटवेव से राहत रहेगी।

मानसून 2026 कब आएगा?

दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। 20 मई तक दक्षिण अंडमान सागर में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद तेजी से 22 मई तक पोर्ट ब्लेयर और उत्तर अंडमान सागर तक पहुंचता है। आईएमडी का कहना है कि आमतौर पर मानसून को केरल पहुंचने में करीब 10 से 12 दिन लगते हैं और आगमन की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। हालांकि, इसकी कोई निश्चित तारीख पूरी तरह निर्धारित नहीं की जाती है। कई दफा मानसून अंडमान सागर और केरल तट पर लगभग एक साथ बहुत कम अंतराल में भी पहुंचता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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