उत्तर भारत में लगातार चढ़ते पारा से गर्मी और लू का सितम झेलना पड़ रहा है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे हीटवेव का अलर्ट घोषित किया गया है। हलाांकि, तपिश के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है, जिसमें अगले 24 से 36 घंटे के दौरान वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम में परिवर्तन होगा। इस दौरान हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही शुरू होगी और धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती हैं। 26 से 1 मई के बीच यूपी, एमपी और बिहार समेत समूचे उत्तरी राज्यों में मेघ गर्जन के साथ आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओले गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं। वहीं पहाड़ों पर 24 अप्रैल से एक नया विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ ऊंचे हिस्सों पर तेज हवाएं चलेंगी और बारिश के साथ बर्फ और ओले गिर सकते हैं। स्काईमेट ने अगले खई दिनों तक पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी मौसमी गतिविधियां होने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, दक्षिण भारत में एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिमी घाट के साथ गुजरात-महाराष्ट्र में पानी बरसने की चेतावनी है।
यूपी में बारिश होगी क्या
उत्तर प्रदेश में लगातार पारा बढ़ता जा रहा है। करीब 60 से जिलों में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट घोषित है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सूरज की तपिश का असर देर शाम तक परेशान कर रही है। दिनभर गर्म हवाएं परेशानी बढ़ा रही हैं। इसी बीच मौसम विभाने अगले 36 घंटे बाद राहत की संभावना जताई है। 26 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों पर 40 से 50 की रफ्तार वाली धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। इस दौरान बादलों की गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओले भी गिरने के संकेत हैं। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान सावधान रहने की जरूरत होगी। मौसमी गतिविधियों के कारण दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
बिहार में बारिश होगी क्या
बिहार इन दिनों भीषण गर्मी और लू का कहर है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट है। हालांकि, इस बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। 25 अप्रैस से राज्य के कुछ हिस्सों पर मौसम बदलने वाला है और अगले चार से पांच दिन तक बीच-बीच में बादल छाए नजर आ सकते हैं व तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश-ठनका की गतिविधियां हो सकती हैं। पटना मौसम केंद्र ने बताया कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर एक निम्म दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिससे बिहार में 27 अप्रैल से तेज बारिश हो सकती है। इसका असर शिवहर, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान में उमस भरी गर्मी और लू का सिलसिला जारी है। गंगानगर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, तेज गर्मी हवाएं और लू के थपेड़ों से मौसम काफी गर्मी है और रोजाना एक से दो डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ता जा रहा है। इसलिए हीटवेव का अलर्ट घोषित है। हालांकि, मौसम विभाग ने 25 अप्रैल से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की बात कही है, जिससे पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी और हल्की बारिश से मौसम बदल सकता है। 26 से 28 अप्रैल को पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में बादलों की गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली-बारिश का खतरा बना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में कब बारिश होगी?
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों तापमान चढ़ता जा रहा है। दिन में तेज धूप से लोगों को भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंचने पर हीटवेव का अलर्ट जारी कर दिया गया है। आईएमडी के मुताबिक, 25 अप्रैल काफी तेज गर्म हवाएं चलेंगी। वीकेंड पर अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रविवार से लेकर मंगलवार तक आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही हो सकती है और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। हालांकि, तापमान में विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। सीपीसीबी के मुताबिक, कुछ हिस्सों पर हवा की क्वालिटी चिंता जनक रही। आनंद विहार में एक्यूआई 320 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में रहा। इधर, नोएडा में भी 320 और गाजियाबाद 360 से ऊपर रहा। मौसमी गतिविधियां होने से प्रदूषण से राहत की उम्मीद है।
उत्तराखंड में आज का मौसम
उत्तराखंड में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम ने करवट ली और आंधी के साथ आकाशीय बिजली कड़की और तेज बारिश ने तर-बतर कर दिया, जिससे कई दिनों से बढ़ रही गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने शनिवार से राज्य के 9 जिलों में मौसम का असर दिखाई देगा और कई जगहों पर अंधड़ के साथ झमाझम बादल बरसते नजर आएंगे। आईएमडी की मानें तो अगले 3 दिन तक रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश के साथ बर्फबारी और ओले गिर सकते हैं। वहीं टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून में भी 40 से 50 किमी. की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी और अच्छी खासी बारिश होगी और वज्रपात का खतरा रहेगा, जिससे तापमान में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। उधर, केदारनाथ और बदरीनाथ समेत कई स्थानों पर बर्फ गिरने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम कैसा है
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार से मौसम का मिजाज बदल गया, जिससे मैदानी भागों पर भी गर्मी से मामूली राहत मिली। शिमला मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, ऊंचाई वाले भागों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर साफ दिखाई दे रहा है। कुछ हिस्सों पर बादलों की आवाजाही है और 25 अप्रैल से तेज हवाएं, बारिश और बर्फबारी में तेजी आ सकती हैं। आईएमडी ने 26 अप्रैल से शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा समेत कुछ आसपास के इलाकों में अंधड़ चलने के साथ बारिश मौसम को बदलेगी। वहीं, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू में अधिक बारिश का अंदेशा है। 27 और 28 को छोड़कर फिर आगे कई दिनों तक मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान है। उधर, पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में भी मौसम बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से घाटी समेत मैदानी भागों पर आंशिक तौर पर बादल छाए हुए हैं और कई हिस्सों पर बूंदाबांदी के साथ बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। लगातार मौसम में परिवर्तन से घाटी में लोगों को सर्द मौसम का एहसास हो रहा है, लेकिन जम्मू भाग में पारा बढ़ने से गर्मी परेशान कर रही है।
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों में एक कमजोर एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव बना रहेगा, जिससे कुछ राज्यों में मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने पश्चिमी घाट के लिए भी अलर्ट घोषित किया है। अगले 48 घंटे के दौरान मौसम बदला रहेगा और केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज आंधी-तूफान के साथ मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली कड़कने के आसार हैं। आईएमडी ने इसे प्री मानसून का संकेत बताया है। वहीं, पश्चिमी घाट के साथ मराठवाड़ा, महाराष्ट्र और गुजरात में भी भीषण गर्मी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है।
असम, अरुणाचल प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन
पूर्वोत्तर भारत में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन असम के ऊपर बना हुआ है, जिसके प्रभाव से उत्तर-पूर्वी भाग पर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार और रविवार को भी करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में तड़ित झंझा के साथ तेज बारिश होगी। इस दौरान आकाशीय बिजली का खतरा रहेगा। हालांकि, कई हिस्सों पर हीटवेव जारी रहेगी।
25 अप्रैल (शनिवार) का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 26°C | 43°C |
| चंडीगढ़ | 25°C | 39°C |
| मुंबई | 28°C | 34°C |
| भोपाल | 27°C | 40°C |
| जयपुर | 27°C | 40°C |
| चेन्नई | 28°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 22°C | 35°C |
| कोलकाता | 27°C | 38°C |
| रांची | 24°C | 38°C |
| पटना | 27°C | 41°C |
| लखनऊ | 27°C | 42°C |
| देहरादून | 20°C | 32°C |
| शिमला | 15°C | 27°C |
| कश्मीर | 10°C | 20°C |
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
