Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): 2026 ने भीषण ठंड के साथ दस्तक दी है। बीते घंटों के दौरान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 4°C से नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में, जबकि राजस्थान, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कुछ स्थानों पर तापमान 4° से 10°C के बीच रहा। इसी तरह मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न इलाकों में भी तापमान इसी सीमा में दर्ज हुआ। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, ऊपरी हवा में चक्रवाती सर्कुलेशन के रूप में पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर बना हुआ है, जिसके ऊपर मध्य में लगभग देशांतर 71°E और अक्षांश 27°N के उत्तर में एक ट्रफ बना हुआ है।
एक प्रेरित ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन पंजाब और आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर बना हुआ है। औसत समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर 120 समुद्री मील की मुख्य हवाओं वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम उत्तरी भारत पर बनी हुई है। एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में श्रीलंका के तटों से दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। लक्षद्वीप से कोमोरिन क्षेत्र तक निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक ट्रफ बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके ऊपर, लगभग 71° पूर्व देशांतर और 27° उत्तर अक्षांश के उत्तर में मध्य स्तरों पर एक ट्रफ मौजूद है। इसके साथ-साथ, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। औसत समुद्र तल से करीब 12.6 किमी ऊंचाई पर, 120 नॉट की मुख्य हवाओं के साथ उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम उत्तरी भारत के ऊपर सक्रिय है। वहीं, श्रीलंका के तट से दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, लक्षद्वीप से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक निचले स्तरों में एक ट्रफ भी फैली हुई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आने वाले दो दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। अगले 5–7 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में कई स्थानों पर, जबकि अगले 3–4 दिनों तक जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में कुछ जगहों पर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी रहेगी। 2 जनवरी को पंजाब तथा हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में, और 2 से 3 जनवरी 2026 के बीच बिहार में शीत दिवस जैसी स्थिति रहने के आसार हैं। वहीं, 2 से 4 जनवरी के दौरान हिमाचल प्रदेश में, 2 से 5 जनवरी तक पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में, तथा 4 से 7 जनवरी 2026 के बीच राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्का कोहरा और कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 16–18°C और न्यूनतम तापमान 8–10°C के आसपास रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक (करीब 2.1 से 4.1°C ऊपर) और अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ कम (लगभग –1.3 से 3.3°C के बीच) रह सकता है। सुबह सतह के पास मुख्य हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेगी, जिसकी रफ्तार करीब 5 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। दोपहर में हवा तेज होकर उत्तर-पश्चिम से लगभग 10 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जबकि शाम और रात में इसकी गति घटकर 6 किमी प्रति घंटा से कम रहने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
नए साल की शुरुआत उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ हुई। राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं, जबकि ठंडी हवाएं गलन को और बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम का मिज़ाज बदलने की उम्मीद है। IMD का कहना है कि, पिछले हफ्ते से फैला घना कोहरा धीरे-धीरे छंटेगा और धूप निकलने से ठंड में कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना भी जताई है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से वायुमंडल में अस्थिरता बढ़ रही है। इसके चलते, उत्तर प्रदेश के दूरस्थ तराई और दक्षिणी हिस्से के कुछ स्थानों को छोड़कर, अधिकांश इलाकों में कोहरा कम होने की संभावना है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
नए साल 2026 की शुरुआत बिहार में भी कड़ाके की ठंड के साथ हुई। वर्ष के पहले दिन घने कोहरे और शीत दिवस जैसी स्थिति से तुरंत राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। हालांकि, आईएमडी के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार कल से ठंड में कुछ कमी आने की संभावना है। कोल्ड डे की स्थिति के साथ-साथ कोहरे में भी कमी देखने को मिल सकती है। उत्तर बिहार के कुछ जिलों में घना कोहरा बना रह सकता है, जबकि पटना, गया, जमुई, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया, किशनगंज सहित अधिकतर जिलों के लिए न तो कोहरे और न ही शीत दिवस की कोई चेतावनी जारी की गई है। 7 जनवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद है। अगले तीन दिनों में दिन और रात के तापमान में करीब 3°C तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा कल का मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र, जयपुर ने नाउकास्ट (तात्कालिक चेतावनी) जारी करते हुए राज्य के कई इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक, घने कोहरे और शीतलहर की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बना परिसंचरण तंत्र राजस्थान के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों को प्रभावित करेगा। 2 जनवरी से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। इसके साथ ही, 2 से 3 जनवरी के बीच उत्तर, पश्चिम और पूर्वी राजस्थान में घना से अति-घना कोहरा छाने की चेतावनी दी गई है, जिससे दृश्यता घट सकती है और सड़क, रेल तथा हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। शेखावाटी क्षेत्र में 3 से 4 जनवरी के दौरान शीतलहर चलने की संभावना है, और इस दौरान न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके बाद आने वाले तीन दिनों में तापमान 2–3°C तक घट सकता है, जबकि उसके आगे कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दिखेगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2–4°C तक बढ़ने की संभावना है। इसके बाद तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा, और उसके अगले दो दिनों में इसमें 2–3°C की गिरावट हो सकती है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बदलाव की संभावना नहीं है। आने वाले चार दिनों में इसमें 2–3°C तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद तापमान लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है। गुजरात में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान क्रमशः 2–4°C तक घट सकता है, जबकि उसके बाद के तीन दिनों में इसमें 2–3°C की बढ़त देखी जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
FAQs
2026 की शुरुआत में उत्तर भारत में इतनी ज्यादा ठंड क्यों पड़ रही है?
पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण वायुमंडल में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इसी से तापमान गिरा है, कोहरा बढ़ा है और कई क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
