Kal Ka Mausam 13 July 2026: देश के अलग-अलग राज्यों में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, तो कुछ क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ने से शुष्क मौसम और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो समुद्र तल पर सक्रिय मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी भाग अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसका हुआ है।
वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में लगभग 72° पूर्वी देशांतर के साथ 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है। इसके अलावा, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास भी एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक अन्य ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में लगभग 89° पूर्वी देशांतर के साथ 21° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में पछुआ हवाओं के प्रभाव से एक ट्रफ भी बनी हुई है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने का अनुमान है। दिन के दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान अधिकांश स्थानों पर सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। सुबह के समय पश्चिमी दिशा से लगभग 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दोपहर में हवा की गति बढ़कर करीब 22 किमी प्रति घंटे हो सकती है और शाम तथा रात के दौरान पश्चिमी हवाएं लगभग 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव बना रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। यह स्थिति अगले चार से पांच दिनों तक बनी रह सकती है। वहीं, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
13 जुलाई को बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में अगले एक हफ्ते कमजोर रहेगा मानसून
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक हफ्ते तक मानसून कमजोर रहने और राज्यभर में अधिकतर स्थानों पर मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। IMD जयपुर ने अपडेट देते हुए कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में केवल कुछ स्थानों पर तेज हवा चली और हल्की बारिश दर्ज की गई। बूंदी जिले के तालेड़ा में सर्वाधिक पांच मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस सिरोही में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, एक कमजोर वेदर सिस्टम के असर से 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, 13 से 15 जुलाई के बीच शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। IMD ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है।
पश्चिम बंगाल में 14 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान
सक्रिय मानसून के चलते पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में 14 जुलाई तक भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के उप-हिमालयी जिलों में, जहां पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, वहां भी 14 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, बांकुरा, बीरभूम, पूर्व और पश्चिम बर्द्धमान, नदिया तथा मुर्शिदाबाद जिलों में 14 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, क्षेत्र के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान गांदरपाड़ा में 66 मिमी, हासिमारा में 62 मिमी, अलीपुरद्वार में 58 मिमी, दार्जिलिंग में 38 मिमी, दमदम में 38 मिमी और चेल में 35 मिमी बारिश हुई।
पश्चिमी घाट के जिलों में 16 जुलाई तक बारिश के आसार
वहीं तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से लगे जिलों में 16 जुलाई तक मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अधिकांश अन्य हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। IMD ने बताया कि पश्चिमी घाट के जिलों में गुरुवार तक मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों को राहत मिलेगी। हालांकि, सोमवार से तमिलनाडु और पुडुचेरी के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल राज्य के मैदानी इलाकों में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं। केवल कुछ स्थानों पर हल्की और छिटपुट बारिश हो सकती है। इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में दिन का तापमान बढ़ सकता है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के लिए वेदर अलर्ट
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले 24 घंटे के दौरान मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ जगहों पर हल्की वर्षा के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे जनजातीय जिलों में भी इतनी ही गति से सतही हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। हालांकि, अगले चार से पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है।
