Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): ठंड का सिलसिला इन दिनों पूरे देश में तेजी से बरकरार है। कोहरे और शीतलहर के साथ कुछ-कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर भी तापमान काफी कम रहा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान के चुनिंदा क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में, जबकि ओडिशा, बिहार, पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों में भी इसी दायरे का तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ असम, मेघालय और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ भागों जैसे दक्षिण पंजाब, दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान साथ ही उत्तर-पश्चिम तेलंगाना और समीपवर्ती महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कल उत्तरी तटीय श्रीलंका के ऊपर विकसित हुआ डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 10 जनवरी 2026 को रात 11:30 बजे (IST) उत्तरी श्रीलंका तथा उससे लगे मन्नार की खाड़ी के क्षेत्र में कमजोर होकर एक स्पष्ट कम दबाव प्रणाली में परिवर्तित हो गया। इसके बाद यह प्रणाली और कमजोर होती गई तथा आज सुबह 5:30 बजे (IST) दक्षिणी तटीय तमिलनाडु और उससे सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर एक साधारण कम दबाव क्षेत्र के रूप में दर्ज की गई। आगे चलकर आज सुबह 8:30 बजे (IST) यह प्रणाली काफी हद तक क्षीण होकर लगभग समाप्त हो गई। हालांकि, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर इससे संबंधित अवशिष्ट चक्रवाती परिसंचरण अभी भी उसी क्षेत्र में बना हुआ है। औसत समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 105 समुद्री मील प्रति घंटे की गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय बनी हुई है। मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में मौजूद है, जिसका अक्ष मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर लगभग 54° पूर्व देशांतर के साथ 23° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में विस्तारित है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 12 और 13 जनवरी को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में ठंड का असर तेज रहने की संभावना है, जहां शीतलहर से लेकर अत्यधिक शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है। 14 जनवरी को भी कुछ क्षेत्रों में ठंड बनी रहेगी, हालांकि इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। आने वाले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना है। वहीं 12 से 16 जनवरी के बीच बिहार के कुछ हिस्सों और उत्तरी राजस्थान में शीत दिवस जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल मौसम ज्यादातर साफ रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में शीतलहर का असर देखा जा सकता है। सुबह के समय हल्का से मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे (–3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस तक) दर्ज किया जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह सामान्य से कम (–1.6 से –3.0 डिग्री सेल्सियस) रहेगा। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रह सकता है, जो लगभग –1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहने की संभावना है। सुबह के समय सतही हवाएं पश्चिम दिशा से चलेंगी, जिनकी रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। दोपहर में हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती है। शाम और रात के समय हवाओं की गति घटकर पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम रहने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और गलन से जूझ रहे लोगों के लिए भगवान सूर्य की किरणों से फिलहाल थोड़ी राहत देखने को मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक रहने वाली नहीं है। राज्य में अगले 24 घंटों के भीतर मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते दो दिनों से धूप निकलने से दिन में कुछ राहत मिली, हालांकि रात के समय शीतलहर का असर बना रहा। अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते ठंड फिर से तेज होने की संभावना है। इस सिस्टम का प्रभाव मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। सोमवार से पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में मौसम बदल सकता है और शीतलहर की स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है। शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, मुरादाबाद, बरेली और पीलीभीत के तराई क्षेत्रों में कोहरे की चादर छाने की भी संभावना जताई गई है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में ठंड का असर लगातार बना हुआ है और ठिठुरन से अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। 12 जनवरी को पूरे राज्य में शीत दिवस (Cold Day) के साथ घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। 13 जनवरी को भी मौसम की स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। 14 जनवरी को जमुई, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और बांका को छोड़कर शेष सभी जिलों में शीत दिवस और घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इसके बाद 15 जनवरी को पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिलों में घने कोहरे के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है। इससे संकेत मिलते हैं कि 16 जनवरी के बाद राज्य में ठंड और कोहरे से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
राजस्थान में कल ऐसा रहेगा मौसम
उत्तर भारत से आ रही बेहद ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे, करीब –2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 12 जनवरी को राज्य के 11 जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनू, अलवर, जयपुर, टोंक, दौसा, भरतपुर और धौलपुर शामिल हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मकर संक्रांति तक राजस्थान में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है और तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इसके अलावा 13 जनवरी को बीकानेर के साथ गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनू, अलवर, जयपुर, टोंक, दौसा, भरतपुर और धौलपुर जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में कल का मौसम कैसा रहना वाला है?
मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को काफी प्रभावित कर रखा है। ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग में भीषण सर्दी के साथ शीत लहर का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार दो दिनों के बाद राज्य को शीत लहर से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में घना कोहरा और कोल्ड वेव का प्रभाव बना रहेगा, जिसके बाद इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है। इसके बावजूद तेज ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और 14 जनवरी को मकर संक्रांति भी कड़ाके की सर्दी के बीच ही मनाई जाएगी। पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे इन इलाकों में रात के साथ-साथ दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रह सकता है।
न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान
आने वाले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों के दौरान तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत में भी अगले चार दिनों तक रात के तापमान में खास परिवर्तन के आसार नहीं हैं, जबकि इसके बाद के तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले 4 से 5 दिनों तक तापमान लगभग स्थिर बना रह सकता है। महाराष्ट्र में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के संकेत हैं, जबकि उसके बाद करीब पांच दिनों तक इसमें कोई खास बदलाव नहीं होगा। देश के बाकी हिस्सों में भी फिलहाल न्यूनतम तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं जताई गई है।
FAQs
देश में इस समय ठंड की स्थिति कैसी बनी हुई है?
फिलहाल पूरे देश में सर्दी का प्रभाव तेज है। कई राज्यों में शीतलहर, घना कोहरा और कुछ जगहों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है, जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चल रहा है।
