कल का मौसम (Kal Ka Mausam): जून का आगाज होने वाला है और इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। मई से लेकर अबतक देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। नए अपडेट के मुताबिक उत्तर-पूर्व, दक्षिण प्रायद्वीपीय और मध्य भारत में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मौसम अस्थिर बना रहेगा।
वेदर सिस्टम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अब उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में दिखाई दे रहा है, जिसके साथ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक संबंधित गर्त है, जिसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर लगभग 77° पूर्व देशांतर के अनुदिश 20° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। विदर्भ और उससे सटे उत्तरी तेलंगाना में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। इसके साथ ही पूर्वी मध्य क्षेत्र से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। विदर्भ के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से लेकर पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण तक, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त (ट्रफ) फैली हुई है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में स्थित पछुआ हवाओं की एक गर्त लगभग 90° पूर्व देशांतर के अनुदिश, अक्षांश 23° उत्तर की ओर फैली हुई है। दक्षिण केरल से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है।
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
इस सप्ताह उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में छिटपुट बारिश होने की संभावना बनी हुई है। साथ ही, 31 मई को उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में 90 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। यह मौसमीय गतिविधियां मध्य क्षेत्र से लेकर उत्तर-पूर्व और छिटपुट तौर पर पश्चिमी हिमालयी इलाकों तक प्रभाव डाल सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर क्या है अपडेट?
दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की प्रगति (2026, प्री-सीजन चरण) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा लगभग 10°N/60°E, 9°N/65°E, 8.5°N/70°E, 8°N/75°E, 7.8°N/78°E, 8°N/80°E, 10°N/80°E, 13°N/87°E, 16°N/90°E, 19°N/93°E और 22°N/97°E तक बनी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मानसूनी हवाएँ आगे बढ़ रही हैं। अगले 3–4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा और उससे जुड़ी मौसमी गतिविधियों में बदलाव की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी हिमालय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच और न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के आसपास रहने का अनुमान है। राजधानी के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 1.6°C से 3.0°C तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से करीब 1.6°C से 3.0°C नीचे दर्ज किया जा सकता है। दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा रहेगा, हालांकि दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं और हल्की नमी के कारण बीच-बीच में थोड़ी राहत मिल सकती है। हवाओं की रफ्तार 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और 20 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शाम और रात के समय भी दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवाएं 15 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 31 मई को राज्य के कुछ हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50–60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। 1 जून को प्रदेश में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने के साथ मौसम सक्रिय रहेगा। इसके बाद 2 से 4 जून के बीच भी अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में यूपी में मौसम पूरी तरह अस्थिर रहेगा कहीं बारिश और आंधी-तूफान तो कहीं तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन किसी गंभीर हीटवेव की स्थिति की संभावना फिलहाल कम है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में 1 जून को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इस दिन राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति पूर्वी भारत में बन रहे मौसम तंत्र के प्रभाव से देखने को मिल सकती है। वहीं 2 जून के लिए बिहार में किसी बड़े मौसम अलर्ट की खास चेतावनी नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने और स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ मौसम में हल्का बदलाव संभव है। कुल मिलाकर 1 जून की तुलना में 2 जून को मौसम अपेक्षाकृत शांत लेकिन पूरी तरह स्थिर नहीं रहने की संभावना है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
राजस्थान में मौसम इस समय काफी अस्थिर बना हुआ है। अगले कुछ दिनों के दौरान राज्य में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश के साथ धूल भरी आंधियों की संभावना बनी रहेगी। कई इलाकों में 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य में अलग-अलग जिलों में रुक-रुक कर बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि इस दौरान अचानक मौसम बदलने और धूल भरी आंधी आने की चेतावनी भी जारी है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में क्या बारिश होगी?
पर्वतीय क्षेत्रों के मौसम को लेकर चेतावनी में बताया गया है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय बना रहेगा। 1 जून को उत्तराखंड और आसपास के उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 4 से 6 जून के बीच तेज हवाओं और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 3 से 6 जून के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा होने के आसार हैं। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1 से 6 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि 4 से 6 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
पंजाब और हरियाणा में कल का मौसम
पंजाब और हरियाणा के मौसम की बात करें तो दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। पंजाब में 1 से 5 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं (लगभग 40–50 किमी प्रति घंटे) चल सकती हैं। वहीं हरियाणा और चंडीगढ़ और क्षेत्र में 1 से 4 जून के दौरान इसी तरह की मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा 4 जून तक कुछ जगहों पर तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं (50–60 किमी प्रति घंटे, कभी-कभी 70 किमी प्रति घंटे तक) की स्थिति भी बन सकती है, जिससे मौसम अस्थिर और तूफानी बना रह सकता है।
महाराष्ट्र में आने वाले दिनों का मौसम
महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा गुजरात से सटे क्षेत्रों में 1 से 4 जून के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान (लगभग 40–60 किमी प्रति घंटे, कुछ स्थानों पर इससे अधिक झोंके) चल सकते हैं। वहीं मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में 1 से 3 जून के बीच तेज मौसम गतिविधियाँ और कहीं-कहीं भारी बारिश की भी स्थिति बन सकती है, जिससे मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
3-4 जून तक तमिलनाडु पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 या 4 जून तक केरल, तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही दक्षिणी राज्यों में व्यापक बारिश होने और तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मई तक मानसून अरब सागर के बड़े हिस्सों, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों में आगे बढ़ चुका है। अगले तीन से चार दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने बताया कि 1 जून तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। हालांकि, 2 जून से मानसूनी गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 जून को भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, खासकर पश्चिमी और दक्षिणी जिलों जैसे थेनी और तेनकासी में।
अधिकतम तापमान का कैसा रहेगा हाल?
देश में अधिकतम तापमान को लेकर मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रुझान देखने को मिलेंगे। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में इस सप्ताह तापमान में धीरे-धीरे 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं मध्य भारत में 1 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की हल्की गिरावट रहने के बाद 2 से 6 जून के बीच फिर से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज हो सकती है। पूर्वी भारत में 3 जून तक तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि 4 से 6 जून के बीच किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। उत्तर-पूर्वी भारत में 2 जून तक तापमान लगभग स्थिर रहने के बाद 3 से 6 जून के दौरान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है। महाराष्ट्र के आंतरिक क्षेत्रों में 4 जून तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और उसके बाद 5–6 जून को स्थिर स्थिति रहने की संभावना है। गुजरात राज्य में 2 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि 3 से 6 जून के बीच 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 31 मई तक तापमान में खास बदलाव नहीं रहेगा, लेकिन इसके बाद अगले 4–5 दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। वहीं देश के बाकी हिस्सों में 6 जून तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
