Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : होली तक एक बार फिर मौसम में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। पहाड़ों पर नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक, 9 से 14 मार्च तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। बर्फबारी से एक बार फिर न्यूनतम पारा शून्य के नीचे पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन में कोल्ड वेव जैसी स्थिति पैदा होगी। इधर, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में 12 से 15 मार्च तक बारिश का पूर्वानुमान है। तो 13 से 14 मार्च यानी होली के दिन दिल्ली-एनसीआर समेत पड़ोसी राज्यों में बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कमोबेश यही हालात उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के आसपास बने रहेंगे। स्काईमेट के पूर्वानुमान के मुताबिक, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में साइक्लोन सर्कुलेशन के एक्टिव रहने के कारण अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल और असम में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों के साथ-साथ भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में हवा की गति में काफी वृद्धि हुई है।
बिहार में कल का मौसम कैसा रहेगा?
बिहार में मौसम कै मिजाज लोगों को समझ नहीं आ रहा है। कभी गर्मी तो कभी ठंड तो कभी बारिश के आसार बन रहे हैं। आईएमडी ने राज्य में एक बार फिर बादलों के छाए रहने, तेज हवाएं और चमक-गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। बादलों के छाए रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान के अनेक इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है जहां बीते चौबीस घंटे में सबसे अधिक तापमान सीमावर्ती बाड़मेर में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में राज्य में सर्वाधिक तापमान बाड़मेर में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम तापमान संगरिया में 08.1 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के अधिकांश भागों में आगामी सप्ताह के दौरान मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम में औसत से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान साफ रहने तथा अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया है। हालांकि, अगले सप्ताह पहाड़ों पर एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। 14 मार्च को होली के दिन बादलों के छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
दिल्ली में कितना प्रदूषण
दिल्ली में सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई 163 रहा जो, ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। एक्यूआई शून्य से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
उत्तर प्रदेश में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में होली का रंग फीका हो सकता है। आईएमडी ने राज्य के विभिन्न जिलों में 10 से 13 मार्च तक बारिश की संभावना जताई है। 9 मार्च को बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन, 13 मार्च को 12 जिलों में बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। हल्की से मध्यम हवाएं चलने से ठंड का एहसास बना रहेगा। हालांकि, अब हवाओं की गति कम होने से दिन और रात के तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखी जाएगी। होली के बाद दिन में पंखे का सहारा लेना पड़ सकता है।
उत्तराखंड का मौसम
उत्तराखंड में अगले 24 घंटे के अंदर बर्फबारी की संभावना व्यक्त की जा रही है। उत्तराखंड में 12 मार्च को उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश हो सकती है। 13 मार्च को यूएस नगर और हरिद्वार को छोड़ सभी शेष जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से कई भागों में लगातार पांच दिन बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। आईएमडी के मुताबिक, 9 मार्च को लाहौल स्पीति, चंबा, कांगड़ा, किन्नौर और कुल्लू जिलों में ऊंचे इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 10 और 11 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट से एक बार फिर ठंडी का एहसास होगा।
जम्मू-कश्मीर में कैसा मौसम
जम्मू-कश्मीर में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से 10 मार्च से मौसम में बदलाव की संभावना है। इसका असर 14 मार्च तक रहेगा। घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक बार फिर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहेगा। न्यूनतम तापमान में कमी के कारण दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति रहेगी, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड का एहसास होगा। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस, कुपवाड़ा में -2, कोकरनाग में 0.6. काजीगुंड में -0.2 और गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
गुजरात में कैसा है मौसम
गुजरात में 12 मार्च तक बारिश की उम्मीद नहीं है। हालांकि, हल्की गर्म हवाएं सौराष्ट्र और कच्छ के अंदरूनी इलाकों तक पहुंच सकती हैं। इस दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर तापमान पहुंचने की संभावना है। 8 मार्च से गर्मी बढ़ने की संभावना है और अगले सप्ताह तक और बढ़ेगी। अहमदाबाद, , मोरबी, अमरेली, बड़ौदा, जूनागढ़, राजकोट, मेहसाणा, खेड़ा, गांधीनगर, पाटन, दाहोद, गोधरा, बोटाद, सुरेंद्रनगर, भुज और नलिया में तेज गर्मी की दस्तक देने की संभावना है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| श्रीनगर | -5 डिग्री सेल्सियस | 0 डिग्री सेल्सियस |
| ताबो | -20 डिग्री सेल्सियस | -6 डिग्री सेल्सियस |
| शिमला | 14 डिग्री सेल्सियस | 20 डिग्री सेल्सियस |
| हरिद्वार | 11 डिग्री सेल्सियस | 27 डिग्री सेल्सियस |
| दिल्ली | 14 डिग्री सेल्सियस | 31 डिग्री सेल्सियस |
| मुंबई | 24 डिग्री सेल्सियस | 36 डिग्री सेल्सियस |
| हैदराबाद | 21 डिग्री सेल्सियस | 36 डिग्री सेल्सियस |
| लखनऊ | 14 डिग्री सेल्सियस | 30 डिग्री सेल्सियस |
| पटना | 17 डिग्री सेल्सियस | 30 डिग्री सेल्सियस |
| भोपाल | 16 डिग्री सेल्सियस | 31 डिग्री सेल्सियस |
मार्च में कैसा रहेगा मौसम?
9 मार्च से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत की पहाड़ियों पर पहुंचने का पूर्वानुमान है। 10 मार्च के बीच दक्षिण और पश्चिमी राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण आने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद, 11 से 14 मार्च के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने और आगे बढ़ने की संभावना है। इसी तरह का सपोर्ट सर्कुलेशन फिर से उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में दस्तक देगा। ये बैक-टू-बैक सिस्टम पूरे गुजरात और पड़ोसी दक्षिण राजस्थान में हवा के पैटर्न को बदलेंगे।
कहां सबसे ज्यादा गर्मी?
दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम तक अभी से मार्च वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और गुजरात में गर्मी का प्रकोप शुरु हो गया है। कुल मिलाकर सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। उधर, केरल में भीषण गर्मी के मद्देनजर लू और सनबर्न का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सनबर्न क्या होता है
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
कोल्ड डे क्या है?
कश्मीर-हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोल्ड के जैसी स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है।
हीटवेव का अलर्ट जारी
देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
