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Kal Ka Mausam: अगले 24 घंटे तूफानी बारिश का पूर्वानुमान, गिरेगी बर्फ लुढ़केगा तापमान; IMD ने किया अलर्ट

Kal Ka Mausam (06 November 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश, बाढ़ पर आईएमडी का अलर्ट : दक्षिण भारतीय राज्यों में 'मुरासु' चक्रवात और उत्तर-पूर्वी मानसून के असर से बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इधर पहाड़ों पर एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 11-12 नवंबर को बारिश और बर्फबारी दर्ज की जाएगी, जिससे तापमान में गिरावट और सर्दी का एहसास तेज होगा।

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मौसम आज कल

कल का मौसम कैसा रहेगा शुक्रवार (06 नवंबर 2026) : उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल सकता है। पहाड़ों पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बादलों की आवाजाही शुरू होगी और 11-12 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी हिस्सों पर बर्फबारी के साथ बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। इसका असर हरियाणा और पंजाब में भी दिखाई देगा और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। उधर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, लेकिन तापमान गिरने से ठंड में बढ़ोतरी होगी। स्काईमेट के मुताबिक, दक्षिण भारतीय राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून और कमजोर 'मुरासु' चक्रवात एक्टिव है, जिसके प्रभाव से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बारिश होगी। पश्चिम बंगाल, ओडिशा में भी हल्की वर्षा का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह यानी दिवाली के बाद मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी से मौसम बदलेगा और तापमान में कमी आएगी। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में 8 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है।

दिल्ली में पॉल्यूशन का खतरा

दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ है, लेकिन आसमान में धुंध छाई नजर आ रही है। पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। एक्यूआई खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। दिल्ली में एक्यूआई 465 से ऊपर दर्ज किया जा रहा है जबकि नोएडा में यह 460 और ग्रेटर नोएडा में 430 के आसपास बना हुआ है। गुरुग्राम में भी एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। फिलहाल, तापमान में कमी से ठंडक का एहसास बढ़ता जा रहा है। अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उत्तरी राज्यों में अगले सप्ताह तापमान में और गिरावट आने के साथ ठंड बढ़ेगी और सुबह के समय कोहरे में भी बढ़ोतरी होगी।

दक्षिण भारत में बारिश के आसार

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग ने बताया कि इसके कमजोर होने के बावजूद दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में 8 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी तमिलनाडु के ऊपर सक्रिय चक्रवाती प्रणाली (Cyclonic System) के कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

चक्रवात मुरासु की स्थिति

चक्रवात मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश में हुई बारिश का असर गुरुवार तक काफी कमजोर पड़ गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश रुक गई है और फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। दक्षिणी तटीय क्षेत्र के कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य में फिलहाल भारी बारिश की कोई चेतावनी लागू नहीं है। वीकेंड में नेल्लोर, तिरुपति और बापटला सहित दक्षिणी तटीय जिलों में अपेक्षाकृत अधिक बारिश होने की संभावना है।

तमिलनाडु में कैसा रहेगा मौसम

तमिलनाडु के तीन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, थेनी, डिंडीगुल और मदुरै जिलों में दिन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी घाट से सटे जिलों, उत्तरी तमिलनाडु और राज्य के दक्षिणी हिस्सों में एक-दो जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। तेज बारिश वाले इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। चेन्नई में गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है, शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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