Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों का अभियान लोकतंत्र बचाने का नहीं, बल्कि अपने परिवारों को बचाने का है और आरोप लगाया कि परिवारवादी राजनीति के कारण इन दलों में एक ही परिवार के लोग नेतृत्व करते हैं। प्रदेश के गाजियाबाद में भाजपा की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाती है।
राहुल गांधी पर सीएम योगी ने कसा तंज
सीएम योगी ने कहा कि अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना उसकी आदत बन गई है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उनकी तुलना ऐसे विद्यार्थी से की, जो परीक्षा में असफल होने पर अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय नए-नए बहाने बनाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खोने के बावजूद आत्ममंथन करने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल के राष्ट्रमंडल, 2जी और कोयला घोटालों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अराजकता से परेशान जनता ने 2014 में नरेंद्र मोदी को देश की बागडोर सौंपी।
CM योगी ने सपा पर बोला हमला
सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की पिछली चार सरकारों में गुंडागर्दी, दंगे और कर्फ्यू उत्तर प्रदेश की पहचान बन गए थे। उन्होंने कोसीकलां, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में महिलाओं, व्यापारियों और मीडिया की सुरक्षा भी खतरे में थी। योगी ने कांग्रेस पर 1975 में आपातकाल लगाने और 1984 की सिख विरोधी हिंसा का जिक्र करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, जबकि आज वहां भव्य मंदिर बनकर तैयार है।
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'हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना गलत'
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास के साथ आगे बढ़ने का दावा करते हुए राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और गरीबों को आवास उपलब्ध कराने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है। ऐसे में अपनी चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने और 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान में भाग लेने की अपील की।
