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कल का मौसम 04 May 2025 : गर्मी पर अटैक करेगा मौसम तूफानी, आंधी-बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि; वज्रपात की चेतावनी

Kal Ka Mausam, 04 May 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: पश्चिमी विक्षोभ और प्री मानसून के प्रभाव से उत्तर भारत का मौसम बदला हुआ है। यही कारण है कि अभी 2 से 3 दिन तक उत्तर भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान भारी बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने के साथ तूफान की संभावना है। ये गतिविधियां 6 मई तक प्रभावित करेंगी। इसका सबसे अधिक असर हिमालयी क्षेत्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के इलाकों में दिखाई देगा।

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कल का मौसम

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। खासकर, दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में कल तक मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग के मुताबिक, मई के शुरुआती दिनों में तापमान में थोड़ी कमी रहेगी। भीषण गर्मी के बीच बादल मेहरबानी दिखाएंगे। आईएमडी के मुताबिक, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में अगले 2 से 3 दिन तक बादलों की आवाजाही के साथ आंधी और बारिश के संकेत हैं, जिससे बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगेगा। उधर बिहार में 7 मई तक मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान गरज चमक के साथ बारिश और तेज आंधी की संभावना है। हो सकता है कहीं-कहीं आकाशीय बिजली के साथ ओलावृष्टि भी हो। कमोबेश यही हालत पूर्वोत्तर के राज्यों में देखने को मिलेंगे। स्काईमेट के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली गिरने और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई। उधर, पश्चिम भारत में 11 मई तक मौसम तूफानी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
दिल्ली23 °C35 °C
मुंबई27 °C33 °C
जयपुर27 °C36 °C
भोपाल24 °C38 °C
लखनऊ27 °C36 °C
पटना27 °C36 °C
देहरादून17 °C29 °C
शिमला10 °C21 °C
कश्मीर 6 °C11 °C

यूपी कल का मौसम

उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज नर्म है। हालांकि, आने वाले दिन कठिन साबित होंगे। मौसम विभाग का कहना है कि आज और कल तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। आईएमडी ने शनिवार तक 60 जिलो में आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इतना ही नहीं करीब 55 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के अनेक इलाकों में हल्की बारिश हुई और तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत मिली। आईएमडी के जयपुर केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटे की अवधि में अलवर व जोधपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हुई। सर्वाधिक बारिश भोपालगढ़ (जोधपुर) में 10 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक सहित कई जिलों में मेघ गर्जन व बादल छाए रहे तथा तेज हवा चली। राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई भागों में मेघगर्जन के साथ आंधी बारिश आगामी एक सप्ताह के दौरान जारी रहने की संभावना है जिससे अधिकतम तापमान में गिरावट होगी तथा लोगों को भीषण गर्मी से राहत रहेगी। राजस्थान में भी मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। जयपुर मौसम बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 2 से 3 दिन पूरे प्रदेश में तेज आंधी के साथ रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। लिहाजा मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। उधर, गुजरात में भी मौसमी गतिविधियां गर्मी के असर को कम करेंगी। आईएमडी के मुताबिक, भुज, नलिया, रापर, कांडला, गांधीधाम, मांडवी, लाखपत और अंजार में तेज आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट है।

दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत से 2.5 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई है। आईएमडी के मुताबिक, 4 से 8 मई तक एनसीआर में मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान तेज गति 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, देर रात ढाई बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक मात्र छह घंटों में 77 मिमी बारिश दर्ज की। यह मई महीने में दिल्ली में 24 घंटे के भीतर हुई दूसरी सबसे अधिक वर्षा थी, जब से 1901 में रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ। अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड 119.3 मिमी है, जो मई 2021 में एक ही दिन में दर्ज किया गया था।

बिहार का मौसम कैसा हैं?

बिहार के अधिकतर जिलों में गर्मी से काफी राहत है। मौसम विभाग के मुताबिक, 6 मई तक मौसम का मिजाज नर्म रहेगा। अगले 2 दिन तक पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, नालंदा, बेगूसराय, भोजपुर, सीवान, सारण, गया और समस्तीपुर में येलो अलर्ट जारी है, जिससे गर्मी से राहत महसूस होगी। इस दौरान तेज आंधी के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि, 7 मई के बाद लू के फिर से दस्तक देने के संकेत मिल रहे।

कब आएगा प्री मॉनसून?

मध्य भारत के कुछ भागों में मई में प्री मॉनसून के संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। प्री मानसून के दौरान आंधी-तूफान का खतरा बढ़ जाता है। तूफानों के साथ 500 किलोमीटर तक बादल यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर केरल में मानसून की शुरुआत आमतौर पर 1 जून के आसपास होती है। तब तक रुक रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

सनबर्न क्या होता है?

गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।

हीटवेव क्या है?

भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।

हॉट डे क्या होता है?

हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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