Junagadh Local Body Elections: गुजरात के जूनागढ़ जिले से लोकतंत्र की एक बेहद दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। यहां केशोद तहसील की मोटी घसारी तालुका पंचायत सीट पर चुनावी मुकाबला इतना कड़ा रहा कि हार-जीत का फैसला ईवीएम की गिनती से नहीं, बल्कि 'किस्मत की पर्ची' से करना पड़ा।
वोटों का अद्भुत संयोग
मोटी घसारी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार रमेश मोहन गरेजा और आम आदमी पार्टी (AAP) के यशवंतसिंह रायजादा के बीच सीधी टक्कर थी। मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी और वहां मौजूद लोग उस समय दंग रह गए, जब दोनों ही उम्मीदवारों के खाते में सटीक 1191-1191 वोट निकले। परिणाम पूरी तरह बराबरी पर रहने के कारण सस्पेंस और बढ़ गया।लॉटरी से खुला किस्मत का ताला
चुनाव नियमों के अनुसार, जब उम्मीदवारों के बीच मतों का अंतर शून्य हो जाता है, तो विजेता का निर्णय लॉटरी (चिट्ठी) के जरिए किया जाता है। चुनाव अधिकारी ने दोनों प्रत्याशियों के नाम की पर्चियां डालीं। इस 'टॉस' में किस्मत आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार यशवंतसिंह रायजादा पर मेहरबान रही। ड्रॉ में उनका नाम निकलते ही उन्हें आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित कर दिया गया।
महज एक पर्ची से मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद 'आप' कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया, जबकि भाजपा खेमे में इस नजदीकी मुकाबले के बाद मायूसी छा गई। मोटी घसारी की यह सीट अब न केवल जूनागढ़ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ जनता कह रही है कि 'किस्मत हो तो यशवंतसिंह जैसी'।
गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी की आंधी
बता दें कि गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की है। राज्य के सभी 15 नगर निगमों पर बीजेपी ने अपना कब्जा जमा लिया है। यह जीत पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक मजबूती के रूप में देखी जा रही है, खासकर तब जब अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
इन चुनावों में नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत और तालुका पंचायत की हजारों सीटों पर मतदान हुआ था। करीब 4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। इसे राज्य के सबसे बड़े चुनावी अभ्यासों में से एक माना जा रहा है। अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो अहमदाबाद नगर निगम में बीजेपी ने 192 में से 158 सीटें जीतकर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।
वहीं राजकोट में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, जहां 72 में से 65 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। यहां कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं, जबकि आम आदमी पार्टी खाता भी नहीं खोल सकी। मोरबी नगर निगम में तो बीजेपी ने सभी 52 सीटों पर जीत हासिल कर पूरी तरह से विपक्ष को पीछे छोड़ दिया।
